एक माह के अंदर अतिक्रमण मुक्ति का दिया निर्देश

मुख्यालय स्थित अति प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ उग्रतारा मंदिर में नवनिर्माण के नाम पर पुराने भवन को ध्वस्त करने से उत्पन्न विवाद की गुत्थी सुलझाने व त्वरित निर्माण शुरू कराये जाने की मंशा से डीएम दीपेश कुमार ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर आम राय जानी.
डीएम व विधायक की उपस्थिति में मंदिर विकास को लेकर की ग्रामीणों संग हुई बैठक महिषी. मुख्यालय स्थित अति प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ उग्रतारा मंदिर में नवनिर्माण के नाम पर पुराने भवन को ध्वस्त करने से उत्पन्न विवाद की गुत्थी सुलझाने व त्वरित निर्माण शुरू कराये जाने की मंशा से डीएम दीपेश कुमार ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर आम राय जानी. बता दें कि मंदिर की जमीन पर कई पुजारी परिवार अवैध कब्जा कर अपना आशियाना बना निवास कर रहे हैं व कुछ पड़ोसियों के हाथों बंधक रख अपना आधिपत्य कायम रखने की फिराक में लगे हैं. मंदिर पुजारी सुंदरकांत झा सहित अन्य पर पूर्व न्यास सचिव पीयूष रंजन के द्वारा अतिक्रमण वाद दायर कराया गया था. वहीं से अदावत शुरू हुई व पुजारी सुंदरकांत झा पूर्व समिति को रद्द करा नया न्यास समिति बनाने में सफल रहे. इस बीच राज्य सरकार के द्वारा मंडन धाम व मंदिर परिसर में पर्यटकीय सुविधा के लिए पंद्रह करोड़ की राशि का आवंटन मिला. इस दौरान महज एक दशक पूर्व बना शौचालय व कैफेटेरिया भवन को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया गया. बता दें कि कैफेटेरिया भवन में वर्षों से स्थानीय पैक्स अध्यक्ष सोहन झा के द्वारा फ्री भंडारा का संचालन किया जा रहा था. प्रतिदिन दर्जनों आगंतुक श्रद्धालु भंडारा में प्रसाद ग्रहण कर जाते थे व श्रद्धा से सहयोग राशि भी दान करते. भंडारा संचालक पर अवैध कब्जा की बात कह प्रशासन के द्वारा कैफेटेरिया भवन खाली कराया व तोड़ फोड़ शुरू हुई. ग्रामीणों में आक्रोश पनपा व विवाद शुरू हो गया. पूर्व समिति सदस्यों ने सिमरी विधायक संजय सिंह व सोनवर्षा विधायक रत्नेश सादा को महापंचायत में आने का अनुरोध किया. विधायक द्वय की उपस्थिति में डीएम ने ग्रामीणों के विरोध का कारण पूछा तो लोगों ने मंदिर की भूमि से अवैध कब्जा हटाने व निर्माण की मांग की. कई लोगों ने वर्तमान न्यास समिति पर गबन का आरोप लगाते लेखा जोखा सार्वजनिक किये जाने की मांग की. ग्रामीणों के मुताबिक, दान पेटी की राशि न्यास के खाता में नहीं जाने व मनमानी खर्च किए जाने की बात कही. डीएम ने वर्तमान सचिव केशव चौधरी को लेखा जोखा संबंधी दस्तावेज जमा कराने का निर्देश दिया. मौके पर मौजूद सीओ को एक माह के अंदर अतिक्रमण मुक्ति का सख्ती से अनुपालन का निर्देश दिया. आगामी नौ मार्च को मुख्यमंत्री के संभावित आगमन से पूर्व प्रसाद भवन निर्माण कार्य पूर्ण करने की बात कही. मौके पर डीडीसी, एडीएम, सदर एसडीओ सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे. डीएम के पहल से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल बना है.
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