गया में बड़ा भंडाफोड़: 46 लाख की नशीली दवाओं का जखीरा बरामद, अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच शुरू

Published by : PRANJAL PANDEY Updated At : 27 May 2026 6:45 AM

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जब्त दवाएं.

शहर के पिपरपांती मुहल्ले में पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़े ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है. गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने एक पूर्व सांसद के घर में छापेमारी की, जहां किरायेदार के भेष में धंधेबाज नकली और नशीली दवाओं का बड़ा काला कारोबार चला रहे थे.

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Gaya News : जितेंद्र मिश्र की रिपोर्ट. शहर के पिपरपांती मुहल्ले में पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़े ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है. गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने एक पूर्व सांसद के घर में छापेमारी की, जहां किरायेदार के भेष में धंधेबाज नकली और नशीली दवाओं का बड़ा काला कारोबार चला रहे थे. इस कार्रवाई में न केवल 46 लाख रुपये की अवैध दवाएं बरामद हुई हैं, बल्कि प्रिंटिंग प्रेस और कूरियर एजेंसी के नेक्सस का भी पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने पहले ही दिन छह तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है और अब इस सिंडिकेट के अंतरराज्यीय कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं.

चार कमरे सील, खुल सकते हैं और भी राज

सोमवार को हुई इस छापेमारी के बाद देर रात तक ड्रग विभाग की टीम जब्त की गई दवाओं का मूल्यांकन करती रही. औषधि नियंत्रक विजय कुमार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि पकड़ी गई नशीली और नकली दवाओं की कुल कीमत लगभग 46 लाख रुपये है. उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के अवैध धंधे करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. कार्रवाई के दौरान पूर्व सांसद के मकान के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद चार कमरों को पुलिस ने सील कर दिया है. हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी ने इन कमरों पर दावेदारी पेश नहीं की है. औषधि नियंत्रक ने बताया कि कुछ समय इंतजार करने के बाद इन सील कमरों को खोलकर सघन तलाशी ली जाएगी. विभाग को आशंका है कि यहां से और भी अवैध दवाएं और अहम सुराग मिल सकते हैं. गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है, ताकि इस ड्रग सिंडिकेट की पूरी चेन को तोड़ा जा सके.

सिंडिकेट का नेक्सस: कहां से क्या हुआ बरामद

गोदाम से बरामदगी

सामग्रीमात्रा
नाइट्रोसन टैबलेट3,76,500 पीस
फेंसाडील सिरप (100 ml)622 बोतल
पायरोनिक्स कैप्सूल4,704 पीस
खाली बोतलें2,500 पीस
नाइट्रोसन-10 रैपर4,450 पीस
ऑरेंज फ्लेवर केमिकल1 बोतल
लिक्विड कैरामेल1 बोतल
बोतल कैपिंग मशीन1 पीस

आरोपित के घर से

सामग्रीमात्रा
लीजेसिक इंजेक्शन1,750 एम्पुल
फेंसाडील सिरप100 बोतल
बोतल कैप2,000 पीस

कूरियर एजेंसी और प्रिंटिंग प्रेस से

सामग्री (स्रोत)मात्रा
निट्रैवेट-10 (कूरियर एजेंसी)24,600 टैबलेट
नाइट्रोसन-10 (कूरियर एजेंसी)1,060 टैबलेट
टाइडोल (प्रिंटिंग प्रेस)36,900 टैबलेट
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन रैपर (प्रिंटिंग प्रेस)87,210 पीस

एक्सप्लेनर: दवाओं का नशे के लिए प्रयोग और इसके खतरनाक अंजाम

बरामद की गई दवाएं मेडिकल उपयोग के लिए होती हैं, लेकिन तस्कर इनका इस्तेमाल नशे के लिए करवा रहे थे. इसके परिणाम जानलेवा हो सकते हैं.

  • नाइट्रोसन: यह नींद और डिप्रेशन की भारी दवा है. नशे के लिए इसे लेने से इंसान सीधे कोमा में जा सकता है या उसकी सांसें हमेशा के लिए रुक सकती हैं.
  • फेंसाडील सिरप: इसमें कोडीन होता है, जो अफीम का ही एक रूप है. इसकी लत लिवर और नर्वस सिस्टम को अंदर से पूरी तरह गला देती है.
  • टाइडोल: यह एक सिंथेटिक ओपिओइड (Opioid) है, जो दिमाग को सुन्न करता है. इसके ओवरडोज से दिल का दौरा पड़ सकता है या खतरनाक मिर्गी के दौरे आ सकते हैं.
  • ऑक्सीटोसिन: जानवरों में दूध बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले इस इंजेक्शन का गलत इस्तेमाल इंसान के शरीर का पूरा हार्मोनल संतुलन तबाह कर देता है.
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PRANJAL PANDEY

लेखक के बारे में

By PRANJAL PANDEY

मूल रूप से गोपालगंज के रहनेवाले प्रांजल पांडेय के पास पत्रकारिता का 13 वर्षों का विस्तृत अनुभव है. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर से जुड़े प्रांजल, फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग के विशेषज्ञ हैं. इसके अलावा राजनीति, खेल और सिनेमा पर भी इनकी गहरी पकड़ है.

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