खेतों में उत्पादन को बढ़ाने के लिए यांत्रिकरण का करें प्रयोग

Published at :19 Jan 2016 6:45 PM (IST)
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खेतों में उत्पादन को बढ़ाने के लिए यांत्रिकरण का करें प्रयोग

खेतों में उत्पादन को बढ़ाने के लिए यांत्रिकरण का करें प्रयोग कृषि विभाग द्वारा यांत्रिकरण सह उपादान मेला आयोजित प्रतिनिधि, सहरसा सदर किसानों को कम लागत व अधिक मुनाफा दिलाने को लेकर खेतों में पैदावार को बढ़ाने के उद्देश्य से यांत्रिकरण सह उपादान मेला का आयोजन किया गया. जिला कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को […]

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खेतों में उत्पादन को बढ़ाने के लिए यांत्रिकरण का करें प्रयोग कृषि विभाग द्वारा यांत्रिकरण सह उपादान मेला आयोजित प्रतिनिधि, सहरसा सदर किसानों को कम लागत व अधिक मुनाफा दिलाने को लेकर खेतों में पैदावार को बढ़ाने के उद्देश्य से यांत्रिकरण सह उपादान मेला का आयोजन किया गया. जिला कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को आयोजित मेले का उद्घाटन अगुवानपुर कृषि कॉलेज के प्राचार्य उमेश सिंह, डीएओ नवीन कुमार व विधायक प्रतिनिधि राजद नेता छत्री यादव ने किया. यांत्रिकरण मेले में मौजूद किसानों को संबोधित करते मंडन भारती कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य उमेश सिंह ने कहा कि किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती पर विशेष जोर देना चाहिए ताकि खेतों में अधिक उत्पादन की क्षमता को विकसित किया जा सके. उन्होंने कहा कि नयी तकनीक से खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अपने आवश्यकता अनुसार कृषि यंत्र का प्रयोग करना चाहिए. इससे खेतों में कम लागत पर अधिक उत्पादन कर किसान लाभान्वित हो सकते हैं. डीएओ ने किसानों को यांत्रिकरण के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करते हुए कम लागत पर अधिक पैदावार बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर ही निर्भर है. राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में विकास के लिए किसानों को यांत्रिकरण सहित अन्य लाभकारी योजनाओं को लेकर प्रोत्साहित कर रही है. ताकि बिहार में भी कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिल सके. पंजाब, हरियाणा की तरह बिहार भी कृषि उत्पादन में खुद पर आत्मनिर्भर हो सके. उन्होंने छोटे-छोटे किसानों को भी सरकार द्वारा प्रदत्त यांत्रिकरण की खरीद पर जोर देते हुए खेती के बढ़ावा देने के लिए कई बातें कही. यांत्रिकरण खरीद में पीछे चल रही जिले की प्रगति पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया. कहा कि लक्ष्य के विरुद्ध यांत्रिकरण खरीद के लिए किसानों द्वारा कम आवेदन मिला है. उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर सहित अन्य बड़े उपकरण के लिए तीन करोड़ चार लाख का लक्ष्य इस जिले को निर्धारित है. वहीं हरित क्रांति योजना एनएफएन सहित अन्य छोटे-छोटे कृषि यंत्र के लिए भी किसानों को अनुदान के लिए लाखों रुपये आवेदन के अभाव में बचे हैं. सिंचाई पाइप के लिए इस जिले को 27 लाख मिले लक्ष्य को आवेदन की संख्या को देखते हुए उन्होंने सरकार से 80 लाख रुपये की और मांग की है. ताकि किसानों को सिंचाई पार्ट की खरीद के लिए मिले आवेदन को मंजूर कर अनुदान दी जा सके. कृषि परामर्शी डॉ मनोज कुमार के संचालन में आयोजित उद्घाटन समारोह के मौके पर विधायक प्रतिनिधि छत्री यादव ने सरकार द्वारा प्रदत्त किसानों के हित के लिए चलायी जा रही योजना को ससमय उन तक पहुंचाने की बात कही. डीजल अनुदान वितरण में दिखायें दिलचस्पीडीजल अनुदान वितरण में पिछड़ रहे जिले की प्रगति पर डीएओ ने नाराजगी प्रकट की. जिले के 10 प्रखंडों में से मात्र कहरा प्रखंड को छोड़ किसी भी प्रखंड मेंं अब तक डीजल अनुदान वितरण की पूरा नहीं किया जा सका है. कृषि पदाधिकारी ने सभी किसान सलाहकार, बीटीएम, एटीएम को कहा कि सभी अपने आपको जनता का नौकर समझें और समय पर किसानों के हित को लेकर सरकार की योजनाओं को किसानों तक पहुंचायें. उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी. इस मौके पर मधेपुरा के आत्मा परियोजना निदेशक सह सहरसा के सहायक उद्यान निदेशक ने श्री विधि से खेती के बढ़ावा के लिए प्रेरक गीत प्रस्तुत किया. मौके पर आत्मा के परियोजना उपनिदेशक राजेश कुमार सिन्हा, कहरा प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष धीरेंद्र यादव, कृषि कर्मी मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे. फोटो – कृषि 9 व 10 – कार्यक्रम को संबोधित करते जिला कृषि पदाधिकारी व मौजूद किसान सहित अन्य

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