स्पेशल ट्रेन रोक ग्रामीणों ने की फाटक निर्माण की मांग
Updated at : 21 Nov 2019 7:14 AM (IST)
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सत्तरकटैया : सहरसा-सुपौल रेलखंड के पंचगछिया एवं नंदलाली स्टेशन के बीच सत्तर राय टोला के पास ग्रामीणों ने सीआरएस के लिए रवाना स्पेशल ट्रेन को रोककर फाटक निर्माण करने का मांग रखी. भाकपा माले नेता अशोक कुमार सुमन के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने रेलवे पटरी पर लाल झंडा लगाकर रोक दिया और पुराना फाटक […]
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सत्तरकटैया : सहरसा-सुपौल रेलखंड के पंचगछिया एवं नंदलाली स्टेशन के बीच सत्तर राय टोला के पास ग्रामीणों ने सीआरएस के लिए रवाना स्पेशल ट्रेन को रोककर फाटक निर्माण करने का मांग रखी. भाकपा माले नेता अशोक कुमार सुमन के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने रेलवे पटरी पर लाल झंडा लगाकर रोक दिया और पुराना फाटक संख्या 38 पर नया फाटक बनाने की मांग की.
ट्रेन रोकने के बाद एक पदाधिकारी उतरे और ग्रामीणों से आवेदन लिया. ग्रामीण डीआरएम से मिलने की बात कह रहे थे. जिस पर रेलवे पुलिस ने सभी को जबरन पटरी से हटवाया और ट्रेन को निकाला गया. ग्रामीणों का कहना था कि राय पोखर के पास जमाने से फाटक बना हुआ था.
जिसे बड़ी रेल लाइन बनने के बाद हटा दिया गया है. इस फाटक के हटने से लोगों को रेल आर-पार करने में भारी परेशानी होगी. स्थानीय लोग इस जगह नया फाटक निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों ने पूर्व में भी सीआरएस के लिए आयी ट्रेन को रोककर आवेदन दिया था.
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. जानकारी के अनुसार इस स्पेशल ट्रेन में कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी एवं डीआरएम सहित रेल विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. लेकिन ट्रेन से इनमें से कोई नीचे नहीं उतरा. सीआरएस निरीक्षण से सहरसा से सुपौल तक ट्रेन के परिचालन की उमीदें बढ़ गयी है. जिससे लोगों में उत्साह है.
मेटेरियल की कमी और लेटलतीफी के कारण हुई देरी
सहरसा से सुपौल के बीच 25 जनवरी 2016 को अमान परिवर्तन कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया था. मार्च 2017 में इसे पूरा कर लेना था. लेकिन मेटेरियल की कमी और रेल विभाग की कार्य में लेटलतीफी के कारण सहरसा से सुपौल के बीच आमान कार्य परिवर्तन करने करने में करीब पौने तीन साल से अधिक का समय लग गया.
हालांकि मार्च 2019 में सहरसा से गढ़बरूआरी के बीच 16 किलोमीटर रेलखंड पर ब्रॉडगेज सेवा शुरू कर दी गयी थी. लेकिन गढ़बरूआरी से सुपौल के बीच लगभग 11 किलोमीटर रेलखंड पर आमान परिवर्तन में देरी हुई. जबकि 20 जनवरी 2012 को पहली बार सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड पर फारबिसगंज और राघोपुर रेल स्टेशन के बीच आमान परिवर्तन कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया था.
इधर भले ही गढ़बरूआरी से सुपौल के बीच सीआरएस ने निरीक्षण के बाद लाइन फीट दे दिया है. लेकिन कंस्ट्रक्शन विभाग के अभी भी कई काम बाकी हैं. सुपौल स्टेशन से लेकर गढ़बरूआरी तक के बीच बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम अभी बाकी है. सुपौल स्टेशन पर फायर सेफ्टी, टिकट काउंटर, रिर्जेवेशन काउंटर सहित इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य अभी भी शेष बचा है.
बताया जा रहा है कि कंस्ट्रक्शन विभाग के इसी काम को पूरा करने की वजह से ट्रेन के परिचालन को 15 से 20 दिनों के लिए टाला गया है. अगर यह काम पूरा कंस्ट्रक्शन विभाग ने कर दिया होता तो इसी माह से गढ़बरूआरी से सुपौल के बीच ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाता.
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