एलएस और सेविका की मिलीभगत से आंगनबाड़ी केंद्र संचालन में भारी अनियमितता

एलएस और सेविका की मिलीभगत से आंगनबाड़ी केंद्र संचालन में भारी अनियमितता
ऑफिस में रजिस्टर मंगाकर निरीक्षण पंजी पर मोटी रकम लेकर एलएस करती है हस्ताक्षर नवहट्टा. प्रखंड क्षेत्र की लगभग 75 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटका रहता है. जहां सीडीपीओ कार्यालय की मिलीभगत से अनियमितता का खेल चल रहा है. नियमानुसार आंगनबाड़ी केंद्रों का महिला सुपरवाइजर द्वारा नियमित निरीक्षण कर प्रतिवेदन जमा करना होता है. लेकिन सीडीपीओ कार्यालय और महिला सुपरवाइजर की मिलीभगत से आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में खुली छूट दी गयी है. तटबंध के अंदर के ऐसे दर्जनों आंगनबाड़ी सेविका हैं, जो अपने बच्चों के साथ सहरसा या अन्य शहरी क्षेत्रों में समय बिताती हैं. ऐसे में आंगनबाड़ी सहायिका और रसोइया के भरोसे या फिर कागजों पर ही केंद्र का संचालन दिखाया जाता है. शनिवार को भी प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटका दिखाई दिया. हाटी पंचायत के बराही आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 9 पर शनिवार को ताला लटका मिला. जहां आंगनबाड़ी सेविका से कई बार मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन सेविका मीणा देवी का मोबाइल स्विच ऑफ रहने के कारण संपर्क नहीं हो सका. जबकि बिहार सरकार द्वारा सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराया गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि बराही आंगनबाड़ी केंद्र अधिकतर बंद ही रहता है. सेविका सप्ताह में एक दिन केंद्र खोलकर फोटो खिंचवा लेती हैं और उसे विभागीय ग्रुप में कई दिनों तक भेजती रहती हैं. पदाधिकारियों से मिलीभगत कर मोटे कमीशन का खेल चलता है, जिस कारण आंगनबाड़ी केंद्र अधिकतर बंद रहता है. इस संबंध में सीडीपीओ अनिता चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र का नियमित रूप से संचालन कर सेवाएं प्रदान करना आवश्यक है. यदि सेविका और सहायिका केंद्र से नदारद रहती हैं और संचालन में रुचि नहीं लेती हैं, तो उनके विरुद्ध चयन मुक्त करने के लिए लिखा जायेगा.
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