सहरसा मंडी में मक्का-गेहूं के दाम फिसले, चावल ने पकड़ी रफ्तार, किसानों की बढ़ी चिंता

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 06 Jun 2026 8:23 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Saharsa Mandi : क्या मक्का बेचने का यह सही समय है? क्या चावल की बढ़ती मांग किसानों को बेहतर मुनाफा दिलाएगी? सहरसा मंडी से आई ताजा रिपोर्ट अनाज कारोबार की बदलती तस्वीर दिखा रही है. मक्का और गेहूं के दाम दबाव में हैं, चावल ने बाजार में मजबूती के संकेत दिए हैं. ऐसे में किसानों और व्यापारियों की नजर अब अगले सप्ताह की गतिविधियों पर टिकी है.

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Saharsa Mandi : बुधवार को सहरसा मंडी में कृषि जिंसों का कारोबार सामान्य रहा. मौसम साफ रहने से अनाज की आवक प्रभावित नहीं हुई. मंडी में मक्का की आवक अपेक्षाकृत अधिक रही, लेकिन खरीदारों की सीमित सक्रियता के कारण इसके भाव में नरमी दर्ज की गई. गेहूं के बाजार में भी कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला. पर्याप्त उपलब्धता के चलते कीमतों पर दबाव बना रहा.

व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में आपूर्ति मांग से अधिक बनी हुई है. यही वजह है कि दोनों प्रमुख फसलों के भाव स्थिर रहने के बजाय नीचे की ओर झुके हुए हैं.

आखिर क्यों दबाव में है मक्का बाजार?

मंडी कारोबारियों के अनुसार किसान लगातार मक्का बेच रहे हैं. नई खेपों के आने से बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. दूसरी तरफ बड़े खरीदार जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी कर रहे हैं. मांग और आपूर्ति के बीच बढ़े अंतर का सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है.

इसी वजह से मक्का के भाव 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बने हुए हैं. गेहूं भी 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार करता रहा.

चावल की मांग ने बदला बाजार का मूड

जहां मक्का और गेहूं कमजोर दिखे, वहीं चावल ने बाजार को संभालने का काम किया. बाहरी राज्यों से बढ़ी मांग के कारण कई प्रमुख किस्मों के चावल के भाव मजबूत बने रहे. खिलाखिला चावल 5300 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल जबकि 24 कैरेट बासमती और 24 कैरेट जी हां चावल 5700 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिके.

कारोबारियों का मानना है कि यदि मांग का यह रुख जारी रहा तो आने वाले दिनों में चावल के भाव में और तेजी देखने को मिल सकती है.

अगले सप्ताह पर टिकी बाजार की नजर

मंडी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मक्का की आवक और चावल की मांग बाजार की दिशा तय करेगी. फिलहाल किसानों को बिक्री से पहले ताजा भाव पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है. वहीं व्यापारियों के लिए भी बाजार के संकेत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं. सहरसा मंडी का अगला सप्ताह किसानों की कमाई और अनाज बाजार की चाल दोनों के लिए अहम रहने वाला है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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