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Parliament Session: संसद में भोजपुरी में शपथ न ले पाने पर राजीव प्रताप रूडी ने बयां किया दर्द

Updated at : 24 Jun 2024 6:02 PM (IST)
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parliament session-rajeev pratap rudy

सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी जब संसद में शपथ लेने के लिए मंच पर चढ़े तो उन्होंने भोजपुरी में शपथ न ले पाने का दर्द भोजपुरी में ही बयां किया. उस समय स्पीकर की कुर्सी पर राधा मोहन सिंह बैठे थे. वे भी भोजपुरी बोले जाने वाले क्षेत्र से आते हैं

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Rajeev Pratap Rudy In Parliament Session: अठारहवीं लोकसभा के पहले सत्र में सोमवार को नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई. इसी क्रम में बिहार के सारण लोकसभा से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी जब शपथ लेने मंच पर पहुंचे तो भावुक हो गए. उन्होंने अपनी मातृभाषा भोजपुरी में शपथ न ले पाने का दुख व्यक्त किया. उन्होंने स्पीकर की कुर्सी पर बैठे पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट से भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह से भोजपुरी में अपना दर्द बयां किया. ये दोनों सांसद भोजपुरी भाषी इलाकों से आते हैं.

भोजपुरी में रूडी ने बयां किया दर्द

राजीव प्रताप रूडी ने शपथ के लिए मंच पर चढ़ते ही स्पीकर की चेयर पर बैठे पूर्वी चंपारण से भाजपा सांसद राधामोहन सिंह से कहा, “सब लोग आपन-आपन भाषा में देता, त केतना अच्छा लागत आ. हमनी भोजपुरी में देतीं त अउर निमन लागित नु? सब लोग आपन-आपन भाषा में दे ता. अब भोजपुरी नाईखे त. तभी पीछे से शपथ लेने की आवाज आई तो रुडी ने कहा- हम पढ़ देत बानी भाई, पढ़त बानी, पढ़त बानी.” इसके बाद उन्होंने शपथ ग्रहण किया.

राजीव प्रताप रूडी की कही इन बातों का हिन्दी में मतलब है कि सब लोग अपनी-अपनी भाषा में शपथ ले रहे हैं, तो कितना अच्छा लग रहा है. हम लोग भी अगर भोजपुरी में शपथ लेते तो और अच्छा लगता सब अपनी भाषा में पढ़ रहे हैं, अब भोजपुरी नहीं है तो.

भोजपुरी में क्यों नहीं ले सकते शपथ

राजीव प्रताप रूडी संसद में भोजपुरी में शपथ नहीं ले पाए क्योंकि शपथ के लिए संविधान के अनुसार आठवीं अनुसूची में निर्धारित 22 भाषाओं में से किसी एक का ही उपयोग किया जा सकता है और भोजपुरी इन 22 भाषाओं में शामिल नहीं है. इस वजह से रूडी को हिन्दी में शपथ लेना पड़ा.

भारतीय संविधान की आठवीं सूची में शामिल 22 भाषाएं असमिया, बांग्ला, बोड़ो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मणिपुरी, मराठी, मलयालम, मैथिली, उड़िया, उर्दू, तमिल, तेलुगू, नेपाली, पंजाबी, संथाली, संस्कृत और सिंधी है. इन्हीं भाषाओं में शपथ लिया जा सकता है.

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Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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