एक ओर PM मोदी की तारीफ, दूसरी ओर भारत को ताना; IND-US ट्रेड डील बातचीत के बीच ट्रंप का दोहरा खेल

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 05 Jun 2026 7:19 AM

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- एक्स (WhiteHouse).

Donald Trump IND US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा मित्र बताते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. एक ओर दोनों देशों के बीच हाल ही में नई दिल्ली में चार दिनों तक व्यापार वार्ता हुई, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने जबरन श्रम से जुड़े आयात को लेकर भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी पेश किया है.

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Donald Trump IND US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत तेज हो गई है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भरोसा जताया है कि दोनों देश जल्द ही किसी समझौते तक पहुंच जाएंगे. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा मित्र बताते हुए दोनों नेताओं के रिश्तों की भी चर्चा की.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों का जिक्र करते हुए दावा किया कि पहले भारत को अमेरिका के साथ व्यापार में अधिक फायदा मिलता था. उनके अनुसार, भारत अमेरिकी वस्तुओं पर ऊंचे शुल्क लगाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं.

उन्होंने कहा कि वर्षों तक भारत ने अमेरिका पर भारी टैरिफ लगाए और बदले में बहुत कम भुगतान किया, जबकि अब स्थिति उलट गई है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा राजस्व हासिल कर रहा है. हालांकि इसके बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश आखिरकार किसी समझौते तक पहुंच जाएंगे.

ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अच्छे मित्र हैं और दोनों नेताओं के बीच मजबूत संबंध हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं. वह मेरे अच्छे दोस्त हैं और हमारे संबंध काफी अच्छे हैं.’

चार दिनों तक चली व्यापार वार्ता

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मुद्दों को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. 1 जून से 4 जून तक नई दिल्ली में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच विस्तृत बातचीत हुई. इस वार्ता में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) के अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों के साथ कई अहम विषयों पर चर्चा की. 

इनमें वस्तुओं का व्यापार, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, व्यापार सुगमता, गैर-टैरिफ बाधाएं और आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहे. दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक और उपयोगी बताया. साथ ही कहा कि एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम जारी है. इसके समानांतर व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर भी चर्चा आगे बढ़ रही है.

अंतिम चरण में पहुंचीं बातचीत

हाल के हफ्तों में समझौते को लेकर आशावाद और बढ़ा है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वार्ता लगभग अंतिम चरण में है और समझौते का केवल छोटा हिस्सा ही अभी बाकी है. वहीं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी संकेत दे चुके हैं कि अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. अब चर्चा मुख्य रूप से अंतिम बिंदुओं को तय करने पर केंद्रित है, जिसके बाद समझौते के पहले चरण की घोषणा की जा सकती है.

नए अमेरिकी टैरिफ बन सकते हैं चुनौती

हालांकि, ट्रेड डील की बातचीत में प्रगति के बावजूद कुछ अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव पेश किया है. मंगलवार को अमेरिकी प्रशासन ने घोषणा की कि 60 देशों से आने वाले कुछ आयातित उत्पादों पर 10 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है. अमेरिका का कहना है कि जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इन देशों से आयात होने वाले कुछ सामान जबरन श्रम (फोर्स्ड लेबर) के जरिए तैयार किए गए हो सकते हैं.

भारत समेत 54 देशों को लेकर USTR की आपत्ति

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने 54 अर्थव्यवस्थाओं की एक सूची जारी की है. इनके बारे में दावा किया गया है कि उन्होंने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लागू नहीं किया है.

इस सूची में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, इजरायल, जापान, कतर, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम जैसे कई देशों के नाम शामिल हैं.

यूएसटीआर के अनुसार, जिन देशों ने पहले से जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने की व्यवस्था की है या व्यापार समझौतों के तहत ऐसा करने की प्रतिबद्धता दिखाई है, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है. वहीं अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है.

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कपड़ा और परिधान क्षेत्र के लिए भी विशेष प्रावधान

प्रस्तावित कार्रवाई में वस्त्र और परिधान उद्योग से जुड़ा एक विशेष प्रावधान भी शामिल किया गया है. इसके तहत कुछ देशों से सीमित मात्रा में आयात होने वाले कपड़ा और परिधान उत्पादों को सेक्शन 301 के तहत कम टैरिफ दर पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है.

1974 के व्यापार कानून के तहत कार्रवाई

यूएसटीआर ने बताया कि यह प्रस्ताव अमेरिका के ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत तैयार किया गया है. इस कानून के तहत अमेरिका उन देशों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है जिनकी नीतियों या प्रथाओं को वह अपने व्यापार के लिए अनुचित या बाधक मानता है. अमेरिकी एजेंसी का आरोप है कि कई देशों ने जबरन श्रम से तैयार उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक नहीं लगाई है, जिससे अमेरिकी व्यापार और उद्योग प्रभावित होते हैं.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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