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ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए बालिकाओं को दिया गया एचपीवी का दूसरा डोज

Updated at : 07 Jul 2025 7:43 PM (IST)
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ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए बालिकाओं को दिया गया एचपीवी का दूसरा डोज

बालिकाओं को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 09 से 14 आयु वर्ग की बालिकाओं को ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका लगाया जा रहा है.

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पूर्णिया. बालिकाओं को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 09 से 14 आयु वर्ग की बालिकाओं को ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका लगाया जा रहा है. इसके तहत क्षेत्रों में कैंप आयोजित कर बालिकाओं को 06 माह के अंतराल पर एचपीवी टीका का दोनों डोज लगाया जा रहा है. सोमवार को पूर्णिया पूर्व प्रखंड के आदर्श मवि बेलौरी में चिकित्सकों, एएनएम और फार्मासिस्ट की उपस्थिति में 39 बालिकाओं को एचपीवी टीका का दूसरा डोज लगाया गया. टीका लगाने के बाद बालिकाओं को कुछ देर विशेषज्ञों की निगरानी में रखते हुए स्वास्थ्य जानकारी ली गयी. इसके बाद सभी बालिकाओं को सुरक्षित घर भेजा गया. एचपीवी टीकाकरण के दौरान विद्यालय प्रधानाध्यापक, शिक्षक, पूर्व प्रखंड के चिकित्सा अधिकारी डॉ माणिक, बीईई एसके. जायसवाल, फार्मासिस्ट रमन झा, एएनएम माधुरी सिन्हा, यूनिसेफ बीएमसी अमित कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी और बालिकाओं के परिजन उपस्थित रहे. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विनय मोहन ने बताया कि बालिकाओं को भविष्य में गर्भाशय के ग्रीवा कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत जिले के सभी प्रखंडों के विद्यालयों में कैंप आयोजित करते हुए 09 से 14 आयुवर्ग की बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया जा रहा है. इससे वे भविष्य में गर्भाशय के ग्रीवा कैंसर से ग्रसित होने से सुरक्षित रहेंगी.

क्या है ह्यूमन पेपीलोमा वायरस

ह्यूमन पेपीलोमा वायरस एचपीवी एक ऐसा संक्रमण है जो असुरक्षित यौन संबंध बनाने से महिलाओं में पनपता है. इसकी जानकारी संक्रमित महिला को बहुत समय बाद होती है. इस दौरान संबंधित महिला सर्वाइकल कैंसर से ग्रसित हो सकती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल इसके 01 करोड़ से अधिक मामले पाए जा रहे हैं. बालिकाओं को किशोरावस्था में एचपीवी का टीका लगाने से उन्हें सर्वाइकल कैंसर ग्रसित होने की संभावना खत्म हो जाती है जो वे कैंसर ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATYENDRA SINHA

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By SATYENDRA SINHA

SATYENDRA SINHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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