पूरी रात झमाझम बारिश, दिन में उमस से बढ़ी परेशानी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 07 Aug 2024 5:57 PM
दिन में उमस से बढ़ी परेशानी
पिछले 24 घंटे में 59 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई
पूर्णिया. मौसम के मानसूनी मिजाज के बीच पूरी रात बारिश होती रही पर दिन में सृरज की तपिश और उमस से लोग परेशान रहे. बारिश होने के कारण रात में मौसम का मिजाज कूल-कूल रहा. इसका असर सुबह साढ़े सात बजे तक दिखा पर आठ बजे के बाद आसमान से बादलों छंटते चले गये. सुबह से अमूमन पूरा दिन मौसम का मिजाज गर्म रहा. वैसे, मौसम विशेषज्ञों की मानें तो गुरुवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे जबकि गरज के साथ तेज बारिश भी हो सकती है. इस बीच पूर्णिया में मौसम का अधिकतम तापमान 33.0 एवं न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इस बीच पिछले 24 घंटे में 59 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. विशेषज्ञों की मानें तो जिले में मौसम का मानसूनी मिजाज अभी लगातार बने रहने की संभावना है. बीते मंगलवार की पूरी रात बारिश होती रह गई. हालांकि दिन में भी लगातार रुक-रुक कर बारिश होती रही पर रात में निरंतरता बनी रह गई जिससे लोगों को काफी सुकून मिला. इस बारिश से लोगों को गर्मी से तो राहत जरूर मिली है लेकिन इससे कई मुहल्लों में जलजमाव जैसी नौबत आ गई. हालांकि लंबे दिनों से बारिश नहीं होने के कारण प्यासी धरती पर पानी अधिक देर तक नहीं टिक सका जिससे लोगों की परेशानी कम हो गई. इधर, बुधवार को सुबह आठ बजे के बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आयी. धूप में इतनी गरमाहट रही कि लोग रात में बारिश से मिले सुकून को भूल गये. वैसे, इस दौरान धूप और बादलों के बीच लुका छिपी का खेल भी चलता रहा. शाम के बाद आसमान में फिर बादलों ने फिर डोरा डालना शुरू कर दिया है.बारिश से सहज हुई खेती किसानी
इस मॉनसून सीजन में अभी तक सामान्य से कम बारिश जरुर हुई है लेकिन जुलाई के पहली हफ्ते हुई बारिश खेती के लिए फायदेमंद रही है. इससे खरीफ के इस सीजन में खेती-किसानी सहज हो गई है. हालांकि रोपनी का काम समय पर कर लिया गया है पर धान के पौधों को झुलसने से बचाने की समस्या सामने थे जिसे इस बारिश ने काफी हद तक निबटा दिया है. किसान कहते भी हैं कि इस बारिश से उनका काफी फायदा हुआ है क्योंकि वे खुद भी बारिश के इंतजार में बैठे थे. खेतों को पानी मिलते ही धान के साथ मक्का समेत खरीफ की अन्य फसलों की खेती का काम आसान हो गया है. किसानों का कहना है कि देर से ही सही बारिश ने खेती की मुश्किल को आसान कर दिया है.
फोटो. 7 पूर्णिया 12- बारिश के बीच जाते लोगडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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