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टीबी के मरीजों के बीच किया गया फूड पैकेट्स का वितरण

Updated at : 19 Jun 2025 7:49 PM (IST)
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टीबी के मरीजों के बीच किया गया फूड पैकेट्स का वितरण

इलाज शुरू कराना आवश्यक

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पूर्णिया. जिला संचारी रोग नियंत्रण केंद्र में निक्षय मित्र के सहयोग से जिले के टीबी ग्रसित मरीजों के बीच बुधवार को फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. इस दौरान 250 मरीजों को फ़ूड पैकेट्स प्रदान किये गये. निक्षय मित्र योजना भारत सरकार द्वारा की गयी एक पहल है. इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ), कॉर्पोरेट संस्थान, सहकारी समितियां, जनप्रतिनिधि या अन्य संस्थान द्वारा टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लेते हुए टीबी मुक्त होने तक पोषण युक्त पदार्थ उपलब्ध कराने में निक्षय मित्र के रूप में सहयोग प्रदान कर सकती है. यह सहायता निक्षय मित्र द्वारा न्यूनतम 06 माह से अधिकतम 03 साल तक चलाई जा सकती है जिसका उपयोग करते हुए टीबी ग्रसित मरीज स्वस्थ और सुरक्षित हो सकते हैं. जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास ने बताया कि टीबी बीमारी होने से मरीजों को बहुत ज्यादा कमजोरी होती थी. स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक से जांच करवाने और दवाई और पौष्टिक आहार का नियमित रूप से दवा का सेवन करने से लोग टीबी बीमारी को खत्म कर सकते हैं. टीबी मरीजों को इसके लिए समय पर जांच और इलाज शुरू कराना आवश्यक है. इसीलिए लक्षण दिखते ही संबंधित मरीजों को जल्द से जल्द स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों या नज़दीकी सरकारी अस्पतालों में जांच करानी चाहिए.

मरीजों को पौष्टिक आहार प्रदान कर कोई भी बन सकते हैं निक्षय मित्र

डीपीएस राजेश शर्मा ने बताया कि कुपोषण और टीबी का गहरा संबंध है. अच्छा पोषण मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जो टीबी ग्रसित मरीज को उपचार करने के आवश्यक मदद करता है. निक्षय मित्र बनते हुए सहयोगी द्वारा टीबी ग्रसित मरीजों को खाद्य टोकरी या पौष्टिक आहार, इलाज के लिए अतिरिक्त सहायता जैसे दवाइयां या जांच का खर्च में सहयोग करना, मरीजों और उनके परिजनों को भावनात्मक और सामाजिक समर्थन देना और समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना शामिल होता है. निक्षय मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति निक्षय पोर्टल पर रेजिस्ट्रेशन करते हुए टीबी मरीजों को गोद लेकर ग्रसित मरीजों के टीबी मुक्त होने तक उन्हें सहायता उपलब्ध करा सकते हैं. कोई भी व्यक्ति, संगठन, कॉर्पोरेट, जनप्रतिनिधि या सहकारी समिति द्वारा टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लिए हुए निक्षय मित्र बनकर ग्रसित मरीजों को स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATYENDRA SINHA

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By SATYENDRA SINHA

SATYENDRA SINHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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