पूर्णिया में झोलाछाप डॉक्टर ने टेटवैक की जगह दिया गलत इंजेक्शन, मासूम की मौत

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 12 Jun 2026 11:51 AM

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बच्चे के शव को लेकर पोस्मार्टम पहुंचे परिजन

Fake Doctor: पूर्णिया जिले के चंपानगर थाना क्षेत्र में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते 10 साल के बच्चे की जान ले ली. पैर में लोहे की कील चुभने के बाद टिटनेस (टेटवैक) का इंजेक्शन लगवाने गए मासूम को कथित डॉक्टर ने ऐसा गलत इंजेक्शन दिया कि चंद मिनटों में उसके मुंह से झाग आने लगा और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.

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पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट

Fake Doctor: बिहार के पूर्णिया जिला अंतर्गत चंपानगर थाना क्षेत्र के सौरा गांव में चिकित्सा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां डिग्री विहीन एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत सुई (इंजेक्शन) दिए जाने के कारण एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी कथित डॉक्टर अस्पताल में ही शव को छोड़कर मौके से फरार हो गया. इस घटना के बाद से पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है. पुलिस ने पीड़ित परिवार के लिखित आवेदन के आधार पर मुख्य आरोपी समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

खेल-खेल में पैर में चुभी थी कील; टिटनेस का टीका लगवाने गए थे परिजन

थाने में दर्ज शिकायत और मृतक की बड़ी मां बसंती देवी के बयान के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • मामूली चोट: बुधवार को सौरा गांव निवासी सिकंदर ऋषि के 10 वर्षीय पुत्र लखन कुमार के पैर में खेल-खेल के दौरान लोहे की एक जंग लगी कांटी (कील) चुभ गई थी.
  • इलाज की लापरवाही: संक्रमण और टिटनेस के खतरे से बचाने के लिए परिजन गुरुवार की रात करीब 8:00 बजे बच्चे को लेकर गांव में ही प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर के पास पहुंचे थे.
  • इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत: परिजनों का आरोप है कि कथित डॉक्टर ने बिना किसी सूझबूझ और बिना एलर्जी टेस्ट किए बच्चे को एक अज्ञात सुई लगा दी. इंजेक्शन लगते ही महज कुछ मिनटों के भीतर लखन के मुंह से झाग निकलने लगा और वह अचेत (बेहोश) होने लगा.

जीएमसीएच पहुंचने से पहले तोड़ा दम; अस्पताल में शव छोड़कर भागा डॉक्टर

बच्चे की हालत मरणासन्न देख आरोपी डॉक्टर ने चालाकी की और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए खुद एक पड़ोसी की स्कार्पियो गाड़ी बुलाकर बच्चे को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया ले जाने लगा.

गंभीर कड़ियों के अनुसार, लखन ने जीएमसीएच की दहलीज लांघने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया था. अस्पताल के ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों ने नब्ज टटोलते ही उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत लाया गया) घोषित कर दिया. जैसे ही झोलाछाप डॉक्टर को यकीन हुआ कि बच्चा मर चुका है, वह अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार के बीच मौका पाकर रफूचक्कर हो गया.

खाद-कीटनाशक दुकान की आड़ में चल रहा था डॉक्टरी का धंधा; 4 पर केस दर्ज

मृतक की बड़ी मां ने पुलिस को बताया कि गांव का ही रहने वाला धीरज मेहता मुख्य रूप से अपनी खाद और कीटनाशक (Pesticides) की दुकान चलाता है, जिसकी आड़ में वह अवैध रूप से क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज भी करता था. परिजनों ने इस गैर-कानूनी कृत्य में धीरज मेहता का साथ देने के आरोप में कुल चार लोगों को नामजद किया है:

  1. धीरज मेहता (मुख्य आरोपी कथित डॉक्टर)
  2. मनोज मेहता
  3. मुकेश मेहता
  4. मुरली मेहता

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा; चंपानगर थानाध्यक्ष बोले- ‘जल्द होगी गिरफ्तारी’

घटना के बाद रातों-रात एम्बुलेंस से शव को गांव वापस लाया गया, जिसके बाद पुलिस को मामले की लिखित सूचना दी गई. शुक्रवार की सुबह चंपानगर थाना पुलिस ने सौरा गांव पहुंचकर शव को पंचनामा तैयार करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया है.

चंपानगर थानाध्यक्ष ने फोन पर पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के आवेदन के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) और डॉक्टरी की अवैध प्रैक्टिस करने का मामला दर्ज किया जा रहा है. आरोपी का क्लीनिक और घर फिलहाल बंद है. पुलिस की एक विशेष टीम धीरज मेहता और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

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लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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