जॉब मार्केट में गुड न्यूज, बेरोजगारी घटी, सैलरी भी हुई मोटी

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PLFS 2025 Report

ऑफिस स्टाफ की सांकेतिक फोटो (AI Generated)

PLFS 2025 Report: देश की नौकरी और रोजगार की तस्वीर जानने के लिए हर साल आने वाली पीएलएफएस (Periodic Labour Force Survey) रिपोर्ट का इंतजार किया जाता है. साल 2025 की PLSR Report कई मायनों में राहत देने वाली है. रिपोर्ट के मुताबिक बेरोजगारी दर में कमी आई है, महिलाओं की कमाई बढ़ी है.

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मार्च महीने में जारी हुए PLFS 2025 Report में कई दिलचस्प एंगल सामने आए हैं. इस रिपोर्ट में सबसे दिलचस्प बात यह है कि देश में करीब 61.6 करोड़ लोग रोजगार में हैं, जिनमें 20 करोड़ महिलाएं शामिल हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 59.3 प्रतिशत रही, जो 2024 के लगभग बराबर है. आइए PLFS 2025 Report को करीब से समझते हैं.

PLFS 2025 Report: क्या है ये रिपोर्ट?

PLFS (पीएलएफएस) रिपोर्ट सरकार का एक ऐसा रिपोर्ट कार्ड है, जिससे यह पता चलता है कि देश में कितने लोगों के पास काम है और कितने लोग बेरोजगार घूम रहे हैं. इसे सरकार का रोजगार मीटर कह सकते हैं. मार्च महीने में PIB पर PLFS 2025 का पूरा रिपोर्ट पब्लिश हुआ था.

क्या है इस बार का रिपोर्ट?

PLFS 2025 रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों का LFPR 79.1 प्रतिशत और महिलाओं का 40 प्रतिशत दर्ज किया गया. वहीं वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) 57.4 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के समान स्तर पर है.

रिपोर्ट के सबसे सकारात्मक आंकड़ों में बेरोजगारी दर की गिरावट शामिल है. 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के शिक्षित लोगों में बेरोजगारी दर 2024 के 7 प्रतिशत से घटकर 2025 में 6.5 प्रतिशत हो गई.

बेरोजगारी दर में आई कमी

रिपोर्ट के सबसे सकारात्मक आंकड़ों में बेरोजगारी दर की गिरावट शामिल है. 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के शिक्षित लोगों में बेरोजगारी दर 2024 के 7 प्रतिशत से घटकर 2025 में 6.5 प्रतिशत हो गई.

युवा वर्ग के लिए भी अच्छी खबर है. 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग की बेरोजगारी दर 10.3 प्रतिशत से घटकर 9.9 प्रतिशत रह गई. ग्रामीण युवाओं में यह दर 8.3 प्रतिशत और शहरी युवाओं में 13.6 प्रतिशत दर्ज की गई.

ग्रामीण इलाकों में क्या है हाल?

साल 2025 में 15 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में बेरोजगारी दर नियंत्रण में रही और रोजगार की स्थिति पहले से बेहतर दिखाई दी. ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर सिर्फ 2.4 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि गांवों में लोगों को काम के ज्यादा मौके मिले.

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की बेरोजगारी दर 2.1 प्रतिशत रही, जो पुरुषों की 2.6 प्रतिशत बेरोजगारी दर से कम है. वहीं शहरों में पुरुषों की बेरोजगारी दर घटकर 4.2 प्रतिशत और महिलाओं की 6.4 प्रतिशत रह गई, जिसके चलते शहरी बेरोजगारी दर भी कम होकर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गई.

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रवि मल्लिक

लेखक के बारे में

By रवि मल्लिक

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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