सुलतानगंज में आज शुरू होगा आस्था का सबसे बड़ा सफर, CM सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन, जानिए पूरा शिड्यूल

सुलतानगंज के नमामि गंगे घाट पर निरीक्षण के दौरान डीएम, एसएसपी और अन्य.
Shravani Mela 2026: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का मंगलवार को भव्य उद्घाटन होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नमामि गंगे घाट से मेले का शुभारंभ करेंगे. इस बार मेले में सुरक्षा, तकनीक, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को केंद्र में रखा गया है.
सुलतानगंज(भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट
Shravani Mela 2026 : सावन का महीना शुरू होते ही बिहार का सुलतानगंज एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगने जा रहा है. विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का मंगलवार को भव्य उद्घाटन होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नमामि गंगे घाट से मेले का शुभारंभ करेंगे. इसके साथ ही करोड़ों शिवभक्तों की उस यात्रा की औपचारिक शुरुआत होगी, जो सुलतानगंज से जल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुंचती है.
इस बार का मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है. प्रशासन का दावा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कांवरियों को अधिक सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. वहीं पहली बार शुरू की गई 'जीविका दीदी की रसोई' और श्रावणी मेला मोबाइल ऐप भी इस आयोजन को खास बना रहे हैं.
दोपहर 2.30 बजे पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, शाम 4.20 बजे करेंगे प्रस्थान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोपहर 2.30 बजे सड़क मार्ग से नमामि गंगे घाट स्थित समारोह स्थल पहुंचेंगे. शंखनाद के साथ श्रावणी मेला 2026 का उद्घाटन किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान श्रावणी मेला 2026 की स्मारिका का विमोचन होगा और श्रावणी मेला मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा.
समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री, पर्यटन मंत्री, कला-संस्कृति मंत्री, पीएचईडी मंत्री, प्रभारी मंत्री, भागलपुर और बांका के सांसद तथा सुलतानगंज विधायक भी मौजूद रहेंगे.
पूरे मेला क्षेत्र को 13 सेक्टर में बांटा गया
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार पूरे मेला क्षेत्र को 13 सेक्टर में विभाजित किया गया है. प्रत्येक सेक्टर में अलग नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. हर सेक्टर में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.
सुलतानगंज-देवघर मार्ग पर शाम छह बजे से पूरी रात लगातार पुलिस गश्त होगी ताकि रात में यात्रा करने वाले कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और यातायात दोनों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी.
पहली बार शुरू हुई 'जीविका दीदी की रसोई'
श्रावणी मेला 2026 की सबसे खास पहल 'जीविका दीदी की रसोई' है. पहली बार कांवरियों के लिए पूरी तरह सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है.
नमामि गंगे घाट, रामपुर कमराय और धांधी बेलारी में बनाए गए केंद्रों पर जीविका दीदियां बिना लहसुन-प्याज और सेंधा नमक से तैयार ताजा भोजन परोसेंगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बासी भोजन का उपयोग नहीं होगा. बचा हुआ भोजन नष्ट कर दिया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को केवल ताजा और शुद्ध भोजन मिले.
यह पहल स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार का अवसर भी बन रही है. इससे स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है.
डाक कांवर प्रमाणपत्र के लिए कई काउंटर
डाक कांवरियों की सुविधा के लिए इस बार प्रमाणपत्र जारी करने हेतु कई काउंटर बनाए गए हैं. नया सीढ़ी घाट, मुख्य नियंत्रण कक्ष कृष्णगढ़, जहाज घाट और प्रखंड परिसर में प्रमाणपत्र मिलेंगे.
भीड़ अधिक होने की स्थिति में आदर्श मध्य विद्यालय और थाना परिसर में भी अतिरिक्त काउंटर संचालित किए जाएंगे. प्रमाणपत्र पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर और सदर एसडीओ कार्यालय की मुहर होगी.
Shravani Mela 2026 : मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा का अभेद्य घेरा
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सोमवार देर शाम तक तैयारियों का अंतिम दौर चलता रहा. जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों ने नमामि गंगे घाट, उद्घाटन मंच, हेलिपैड और मुख्यमंत्री के प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया.
जहां भी छोटी कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए. कृष्णानंद स्टेडियम स्थित हेलिपैड से नमामि गंगे घाट तक विशेष सुरक्षा कॉरिडोर बनाया गया है. पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है.
सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री के काफिले की फुल ड्रेस रिहर्सल भी की गई ताकि उद्घाटन समारोह के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
रोशनी से जगमगाया नमामि गंगे घाट
श्रावणी मेला शुरू होने से पहले ही नमामि गंगे घाट और अजगैवीनाथ मंदिर परिसर आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं. धार्मिक थीम पर आधारित विशेष लाइटिंग, सजावट और मंच की भव्य तैयारियों ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया है.
स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से होटल, दुकान, भोजनालय, परिवहन और छोटे व्यापारियों की आय में अच्छी बढ़ोतरी होगी. वहीं प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती रहेगी.
अब सबकी निगाहें मंगलवार के उद्घाटन समारोह पर टिकी हैं, जहां से सावन के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन की औपचारिक शुरुआत होगी और सुलतानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम तक आस्था की ऐतिहासिक यात्रा फिर शुरू हो जाएगी.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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