बिहार के सभी थानों को डिजिटल बनाने की तैयारी, अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

Edited by Shruti Kumari
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पूर्णिया स्थित एनआईसी केंद्र में CCTNS CAS 1.0 प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल पुलिस अधिकारी एवं तकनीकी कर्मी.

Bihar Police Digital Training: बिहार पुलिस के सभी थानों को डिजिटल बनाने की दिशा में CCTNS CAS 1.0 पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. नई व्यवस्था से एफआईआर और रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा.

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पूर्णिया से अरूण कुमार की रिपोर्ट:

Bihar Police Digital Training: बिहार पुलिस के सभी थानों में कार्यप्रणाली को अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) बिहार द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों ने भाग लिया.

कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस थानों में नई डिजिटल प्रणाली CCTNS CAS 1.0 को प्रभावी रूप से लागू करना और अधिकारियों को इसके संचालन की जानकारी देना था.

पुलिस कार्यों में आएगी अधिक पारदर्शिता

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि CCTNS CAS 1.0 प्रणाली लागू होने के बाद एफआईआर दर्ज करने, अपराधियों का रिकॉर्ड संधारित करने, केस मॉनिटरिंग तथा विभिन्न पुलिस सेवाओं को ऑनलाइन और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में सुविधा होगी.

नई व्यवस्था के माध्यम से पुलिस विभाग में डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा, जिससे कार्यों की निगरानी और जवाबदेही बढ़ेगी.

आम लोगों को भी मिलेगा लाभ

राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीक आधारित नई व्यवस्था से पुलिस कार्यों में दक्षता बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा, जिससे पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा.

पूर्णिया एनआईसी केंद्र में भी हुआ प्रशिक्षण

राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत पूर्णिया स्थित एनआईसी केंद्र में भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. इसमें स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया.

प्रशिक्षण के दौरान एडीईओ शालिनी कुमारी, नेटवर्क अभियंता सूरज कुमार, आशीष प्रिंस तथा जिला रोल आउट मैनेजर विनोद कुमार गिरी उपस्थित रहे. विशेषज्ञों ने नई प्रणाली के उपयोग, डेटा प्रबंधन और विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी.

डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

अधिकारियों ने बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस कार्यों में तेजी आएगी, रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक सटीक होगा और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा. इससे बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली आधुनिक और अधिक प्रभावी बन सकेगी.

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