मंगोलकोटे पुल: पश्चिम बंगाल में भी हो सकता है बिहार जैसा हादसा, धंसे हुए पुल से गुजर रहे हैं वाहन

Edited by Ashish Jha
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क्षतिग्रस्त पुल से गुजरते लोग

Mongolkote Bridge: पुल का एक हिस्सा झुका हुआ है, ऑटो-टो वाहन चालक जान जोखिम में डालकर चल रहे हैं. मानसून आने वाला है. लोग मरम्मत न होने की स्थिति में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका जता रहे हैं. हालांकि, प्रशासनिक हलकों ने पुल की मरम्मत का आश्वासन देते हुए कहा है कि निगान पुल की मरम्मत चार महीने के भीतर हो जाएगी.

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Mongolkote Bridge: कोलकाता. मंगलकोट के निगान पुल का एक हिस्सा धंस गया है. यह पुल कटवा-बर्धमान मार्ग पर मंगलकोट के निगान में ब्राह्मणी नदी पर स्थित है. इसकी एक तरफ की संरचना झुक गई है. बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं. कंक्रीट के स्लैब गिर रहे हैं. छड़ें बाहर निकल आई हैं. स्थिति इतनी चिंताजनक है कि प्रशासन ने पुल पर बसों और लॉरियों सहित भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी है, लेकिन पुल पर छोटे वाहनों की आवाजाही जारी है. इतना सबकुछ जानते हुए भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

बंगाल सरकार ने 2001 में बना था पुल

इस पुल का निर्माण राज्य के लोक निर्माण विभाग द्वारा 2001 में किया गया था. आरोप है कि तब से इसका कोई रखरखाव नहीं किया गया है. हालांकि पुल की हालत लगभग डेढ़ साल पहले से खराब होने लगी थी, लेकिन कोई आवश्यक मरम्मत नहीं की गई है. इसके विपरीत, भारी वाहन बेरोकटोक चल रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बंगाल सरकार बिहार की घटनाओं से कोई सबक नहीं ले रही है. इसपर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

पिछले दिनों पुल का एक हिस्सा धंस गया

कुछ महीने पहले पुल में एक बड़ी दरार आ गई थी. उस समय पुल को कमजोर घोषित कर दिया गया था, लेकिन भारी यातायात रोकने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया. इसी बीच, कुछ दिन पहले पुल का एक हिस्सा धंस गया और ढांचा झुक गया. पुल के निचले हिस्से से कंक्रीट के स्लैब गिरने लगे. स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने बसों और ट्रकों सहित सभी भारी वाहनों की आवाजाही पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया. प्रभावित हिस्से को बांस की बाड़ से घेर दिया गया था.

लोगों को हो रही परेशानी

प्रतिबंध के कारण, कटवा-बर्धमान मार्ग के एक हिस्से पर बस सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं. वैकल्पिक मार्गों के कारण समय और किराया दोनों बढ़ गए हैं. परिणामस्वरूप, दैनिक यात्रियों और आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने कहा कि वे ऑटो या रिक्शा से भी पुल पार करने से डरते हैं. स्थानीय लोगों की शिकायत है कि पुल की खराब हालत लंबे समय से दिखाई दे रही है. इसके बावजूद, समय पर मरम्मत क्यों नहीं की गई.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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