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बंदरगाह से दूर बसे राज्यों में मजबूत होंगे जलमार्ग, संजय झा ने उठाया बिहार में ड्राई पोर्ट का मुद्दा

Updated at : 23 Jan 2025 8:44 AM (IST)
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sanjay jha darbhanga

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Waterways in Bihar: भारत में पोर्ट के क्षमता विस्तार के साथ-साथ पोर्ट में भीड़भाड़ से निपटने और चुनौतियों के समाधान के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने देश में चल रहे पोर्ट विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तुति दी.

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Waterways in Bihar: पटना. जदयू सांसद और परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष संजय झा बिहार में ड्राई पोर्ट का मुद्दा उठाया है. उन्होंने ने बंदरगाह से दूर बसे राज्यों में जलमार्ग को मजबूत करने, विकसित करने पर जोर दिया है. राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता में संसदीय सौंध, नई दिल्ली में आयोजित हुई बैठक में भारत में पोर्ट के क्षमता विस्तार के साथ-साथ पोर्ट में भीड़भाड़ से निपटने और चुनौतियों के समाधान के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने देश में चल रहे पोर्ट विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तुति दी.

अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास पर जोर

बैठक के दौरान संसदीय समिति के अध्यक्ष संजय कुमार झा ने विशेष रूप से उन राज्यों का मुद्दा उठाया, जो भौगोलिक रूप से समुद्र से जुड़े नहीं हैं, और जिनका सीधे तौर पर देश के प्रमुख बंदरगाहों से संपर्क नहीं है. जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से आग्रह किया कि ऐसे राज्यों में अंतर्देशीय जलमार्गों का विकास किया जाए, ड्राई पोर्ट और रेल व सड़क मार्गों के माध्यम से इन राज्यों तक बंदरगाहों से बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए और प्रमुख शहरों में लॉजिस्टिक पार्कों का विकास किया जाए. उन्होंने कहा कि इन कदमों से न केवल भौगोलिक रूप से समुद्र से दूर बसे राज्यों की आर्थ‍िक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि देश की समग्र बंदरगाह क्षमता भी बढ़ेगी और विकास को बल मिलेगा.

रेड-सी में उत्पन्न होने वाली स्थिति को लेकर रहें सजग

संजय कुमार झा ने मंत्रालय से यह भी आग्रह किया कि वे रेड-सी में उत्पन्न होने वाली वर्तमान स्थिति को लेकर सजग रहें, ताकि भारतीय व्यापार को इस संकट से कोई नुकसान न हो. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भारत में समुद्री गतिविधियों से जुड़ी शिक्षा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि बंदरगाह उद्योग में काम करने के लिए अधिक प्रशिक्षित एवं योग्य लोग सामने आ सकें. इस दिशा में पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा और अधिक पहल की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस क्षेत्र में कुशल जनशक्ति की कोई कमी न हो. बैठक में संसदीय समिति के सभी सदस्यों ने देश में बंदरगाहों के विकास और क्षमता विस्तार के लिए प्रस्तावित उपायों पर सहमति व्यक्त की. बैठक में संसदीय समिति के सदस्य और पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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