आइआइटी पटना में कवि सम्मेलन में गूंजे हास्य, शृंगार और वीर रस के स्वर
Published by : MANISH LIFE Updated At : 26 May 2025 12:12 AM
आइआइटी पटना में शनिवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम ने श्रोताओं को साहित्यिक सौंदर्य, देशभक्ति और हास्य के रंगों में डूबो दिया.
संवाददाता, पटना आइआइटी पटना में शनिवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम ने श्रोताओं को साहित्यिक सौंदर्य, देशभक्ति और हास्य के रंगों में डूबो दिया. कवि सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ अल्पना सिंह, प्रो एके ठाकुर, डॉ एनके तोमर, नीरज राजहंस, अनंताशुतोष द्विवेदी सहित विशिष्ट कवियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. कार्यक्रम में देश के विभिन्न कोनों से आये प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी कविताओं से दर्शकों को मुग्ध कर दिया. भोपाल से आये नीलोत्पल मृणाल ने सामाजिक यथार्थ को छूती हुई कविता प्रस्तुत की ‘पूछेगा जो कोई तो उसको बतायेंगे, आने वाली पीढ़ियों को चल के दिखायेंगे’ राजस्थान से आये विनीत चौहान ने वीर रस के चर्चित कवि, जिनकी पंक्तियों ने देशभक्ति का जोश भर दिया. पटना के कुमार रजत और चंदन द्विवेदी, जिन्होंने श्रृंगार और करुण रस से भरी रचनाओं से दर्शकों का दिल जीत लिया. गाजियाबाद से आये शिखा दीप्ति दीक्षित, शृंगार और भाव प्रधान रचनाओं की प्रस्तुति देते हुए उन्होंने कहा कि ‘मुझे है राम की सौगंध, सीता बनके निकलूंगी’. प्रयागराज से आये राधेश्याम भारती, हास्य कविताओं से मंच को जीवंत कर दिया. आशुतोष त्रिपाठी, जिनकी ओजस्वी प्रस्तुतियों को श्रोताओं की तालियों ने खूब सराहा. इस अवसर पर प्रस्तुत रचनाओं ने न केवल श्रोताओं को भावविभोर किया, बल्कि समाज के विविध पहलुओं पर सोचने के लिए भी प्रेरित किया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










