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PU की पहली महिला अध्यक्ष की कहानी, बिहार के पहले CM के इलाके से आने वाली मैथिली के पास हैं ये शानदार उपलब्धियां

Updated at : 02 Apr 2025 1:46 PM (IST)
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maithili mrinali story| The story of Maithili Mrinalini, the first woman president of PU

मैथिली मृणालिनी की तस्वीर

Success Story: मैथिली मृणालिनी ने पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ की पहली महिला अध्यक्ष बनकर इतिहास रच दिया है. पढ़ाई, खेल और नेतृत्व में निपुण मैथिली ने अपने मजबूत विज़न और समर्पण से यह उपलब्धि हासिल की. उनके नेतृत्व में छात्र संघ विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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Success Story: पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनावों में इस बार इतिहास रच दिया गया है. मुंगेर की बेटी मैथिली मृणालिनी ने छात्र संघ की पहली महिला अध्यक्ष बनकर नया मुकाम हासिल किया. उनके नेतृत्व में इस बार विश्वविद्यालय पैनल में तीन महिलाओं का शामिल होना महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गया है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की उम्मीदवार मैथिली ने भारी मतों से जीत दर्ज कर इस उपलब्धि को हासिल किया.

ऑल-राउंडर मैथिली मृणालिनी का सफर

पटना विमेंस कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस की छात्रा मैथिली मृणालिनी पढ़ाई, खेल और नेतृत्व में समान रूप से निपुण हैं. बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह के इलाके से आने वाली मैथिली राजनीति में अपने सफर की शुरुआत 2022 में काउंसलर चुनाव जीतकर की थी.

उनका कहना है कि उनका मुख्य फोकस आक्रामक राजनीति की बजाय आपसी सहयोग और संवाद पर होगा. वे विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर एक सुरक्षित और सुविधाजनक कैंपस बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

दस दिन का कठिन चुनाव प्रचार

मैथिली मृणालिनी के लिए चुनाव प्रचार के दस दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थे. उनका कहना है कि इन दस दिनों में उनका ध्यान केवल छात्रों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने पर था. डिजिटल कैंपेनिंग से लेकर कैंपस में छात्रों से व्यक्तिगत संवाद तक, हर रणनीति ने उन्हें चुनावी जीत के करीब पहुंचाया.

विश्वविद्यालय में बड़े बदलाव की तैयारी

मैथिली ने साफ किया कि शुरुआती दिनों में छात्र संघ टीम जमीन पर काम करेगी, जिससे छात्रों को यह महसूस हो कि छात्र संघ उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है. उनका लक्ष्य विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कैंपस में सकारात्मक बदलाव लाने पर केंद्रित रहेगा.

शिक्षा और खेल में शानदार उपलब्धियां

मैथिली की शिक्षा मुंगेर से शुरू हुई, बारहवीं की पढ़ाई राजस्थान से पूरी की, और इसके बाद उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में दाखिला लिया. इकोनॉमिक्स और जियोग्राफी में गोल्ड मेडलिस्ट मैथिली NCC में भी सक्रिय रही हैं और उन्होंने बिहार-झारखंड के बेस्ट कैडेट के रूप में ऑल इंडिया में तीसरी रैंक प्राप्त की है. तायक्वांडो में ब्लैक बेल्ट धारक मैथिली ने 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लिया था और हाल ही में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा सम्मानित भी की गई थीं.

क्या राजनीति में आगे बढ़ेंगी मैथिली?

राजनीति में भविष्य बनाने के सवाल पर मैथिली मृणालिनी ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान पटना यूनिवर्सिटी में छात्रों के हित में बेहतरीन कार्य करने पर है. वे वर्तमान में विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं.

मैथिली मृणालिनी की यह उपलब्धि बिहार की राजनीति और शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रही है. उनके नेतृत्व में छात्र संघ किस तरह से बदलाव लाता है, यह देखना दिलचस्प होगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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