राजद को मिले अधिक वोट, पर चार सीटों पर सिमटी पार्टी

Updated at : 06 Jun 2024 1:54 AM (IST)
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राजद को मिले अधिक वोट, पर चार सीटों पर सिमटी पार्टी

बिहार में लोकसभा की 40 सीटों पर राजनीतिक पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत की तुलना पिछले विधानसभा चुनाव से करें, तो भाजपा-जदयू के मतों में इजाफा हुआ है.

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अजय कुमार, पटनाबिहार में लोकसभा की 40 सीटों पर राजनीतिक पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत की तुलना पिछले विधानसभा चुनाव से करें, तो भाजपा-जदयू के मतों में इजाफा हुआ है. दूसरी ओर महागठबंधन के वोट प्रतिशत गिरे हैं. आंकड़ों की दिलचस्प कहानी यह है कि संसदीय चुनाव में राजद किसी एक पार्टी के मुकाबले सबसे अधिक वोट प्रतिशत लाने के बावजूद वह चार सीटों से आगे नहीं बढ़ सका. जदयू को लोकसभा चुनाव में कुल 12 सीटों पर कामयाबी मिली. उसने 16 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे. इस चुनाव में उसे कुल 18.12 प्रतिशत वोट मिले. 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू को 15.39 फीसदी वोट मिले थे. उसे 43 सीटों पर कामयाबी मिली थी. विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार उसके मतों में 2.71 प्रतिशत की बढ़तरी हुई है. भाजपा के साथ भी ऐसा ही हुआ. इस चुनाव में उसे 20.52 प्रतिशत वोट मिले और सीटें मिलीं 12. विधानसभा चुनाव में भाजपा को 19.46 फीसदी वोट मिले थे. उसे 74 सीटों पर सफलता मिली थी. एनडीए के साथ रही जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को चार सीटों पर जीत हासिल हुई थी और उसके मतों का प्रतिशत था 0.89. उसने सात सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे.

विधानसभा चुनाव की तुलना में एनडीए के भी बढ़े वोट

135 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने वाली लोजपा को 5.66 प्रतिशत वोट मिले थे. यह पार्टी न तो एनडीए के साथ थी और न ही महागठबंधन का हिस्सा थी. लोजपा को उस चुनाव में एक सीट पर जीत मिली थी. अब बात राजद की. उसने संसदीय चुनाव में 23 सीटों पर उम्मीदवार दिये थे. 2019 के चुनाव में उसका एक भी उम्मीदवार संसद नहीं पहुंच पाया था. इस चुनाव में उसे केवल चार सीटों पर ही कामयाबी मिल सकी. हालांकि राज्य की सियासी पार्टियों में सबसे अधिक 22.14 प्रतिशत मत उसे मिले. जहां तक विधानसभा चुनाव का मसला है, उसे 23.11 फीसदी मत मिले थे. राजद ने विधानसभा के चुनाव में सबसे अधिक 144 उम्मीदवार दिये थे. उसके 75 उम्मीदवार विधानसभा पहुंच पाये थे. कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में तीन सीटें मिलीं. पिछले चुनाव में उसके एक उम्मीदवार ही जीत सके थे. इस चुनाव में उसने 9 प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था. उसे मिले मत का प्रतिशत रहा 9.20. विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 उम्मीदवार उतारे थे और उसे 19 पर सफलता मिली थी. उस चुनाव में उसे वोट मिले थे 9.48 प्रतिशत. भाकपा (माले) को संसदीय चुनाव में दो सीटों पर जीत हासिल हुई, जबकि उसने तीन प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था. संसदीय चुनाव में उसे कुल 2.99 प्रतिशत मत मिले. विधानसभा चुनाव में उसने 19 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 12 पर कामयाबी मिली थी. विधानसभा चुनाव में उसे मिले मत का प्रतिशत था 3.16. अगर एनडीए के तीन दलों जदयू, भाजपा और लोजपा (आर) की बात करें, तो इसे कुल मिलाकर 45.11 प्रतिशत मत मिले और सीटें मिलीं 30. दूसरी ओर, महागठबंधन में शामिल राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले), भाकपा और माकपा को मिले कुल वोट 36.5 प्रतिशत की तुलना में उसे दस सीटों पर जीत मिली.

(हम और वीआइपी के वोट प्रतिशत का डाटा आयोग ने अलग से जारी नहीं किया है)

पार्टियों को मिले मत प्रतिशत

राजद22.14भाजपा20.52जदयू18.12कांग्रेस9.20लोजपा(आर) 6.47भाकपा माले3.16भाकपा1.30माकपा0.87

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