पांच साल में पटना नगर निगम का बजट हुआ दोगुना, पर सुविधाएं कागजों पर, न मिला फ्री Wi-Fi और न ही लगे Liquid Tree

पटना नगर निगम की तस्वीर
Patna News: पटना नगर निगम का बजट 2914 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, लेकिन विकास की रफ्तार सुस्त है. पिछले तीन साल के वादे जैसे फ्री वाइ-फाइ, इ-लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास अब भी अधूरे हैं. होल्डिंग टैक्स से कमाई बढ़ने के बावजूद शहर को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. आज बजट बैठक में इन मुद्दों पर मंथन होगा.
Patna News: पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) के बजट का आकार साल दर दर बढ़ रहा है. बावजूद इसके जमीनी स्तर पर विकास की रफ्तार सुस्त पड़ी है. आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निगम बोर्ड की विशेष बजट बैठक आज यानि 28 मार्च को होने जा रही है. इसमें करीब 2914 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी. यह पिछले साल से 59 करोड़ रुपये अधिक है.
हालांकि, आय और व्यय के अंतर के कारण यह आठ करोड़ रुपये के घाटे का बजट दर्शाया गया है. बता दें कि, पिछले छह वित्तीय वर्षों में बजट का आकार लगभग दोगुना हो गया है. साल 2021-22 में बजट 15 सौ करोड़ का था. जबकि, वही अब 2914 करोड़ तक पहुंच गया है. इसी तरह होल्डिंग टैक्स से मिलने वाला राजस्व भी 63 करोड़ से बढ़कर 137 करोड़ (अनुमानित) हो गया है.
बजट की राशि बढ़ने के बावजूद शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. पिछले तीन सालों के बजट में घोषित फ्री वाई-फाइ, स्मार्ट क्लास, इ-लाइब्रेरी और लिक्विड ट्री केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं. निगम प्रशासन आय बढ़ाने व संपत्ति कर का लक्ष्य पूरा करने में भी पीछे रह रहा है. ओटीएस लागू करने के बाद भी वसूली नहीं हो सकी. शहर में बेहतर शौचालय की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है. जबकि, इसके संचालन की जिम्मेदारी एजेंसिंयों को दी गयी है.
कागजों में Wi-fi व स्मार्ट क्लास का काम
नगर निगम (Municipal Corporation) ने पिछले तीन बजटों में युवाओं और छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन व ऑफलाइन लाइब्रेरी और सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास कंप्यूटर, प्रोजेक्टर के साथ शुरू करने का वादा किया था, लेकिन धरातल पर काम शून्य रहा. इसी तरह शहर के 15 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर ‘ओपन वाइ-फाइ’ देने की योजना भी ठप पड़ी है. वायु प्रदूषण कम करने के लिए लिक्विड ट्री (Liquid Tree) लगाने और हर वार्ड में पांच-पांच समरसेबल पंप लगाने की घोषणा भी पूरी तरह फेल साबित हुई है.
निगम मार्ट व मॉल बनने की परियोजना भी अधूरी
व्यापार व राजस्व बढ़ाने के मकसद से राजधानी में 32 वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी है. जगह चिन्हित किए गये हैं. लेकिन, तीन प्रमुख जगह आर्य कुमार रोड, सैदपुर व खेतान मार्केट के पास निगम मार्ट और मॉल बनाने की योजना पिछले दो बजटों से दोहराई जा रही है. इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया और जमीन भी चिह्नित हुई, लेकिन अतिक्रमण के कारण एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी. स्लम बस्तियों के विकास व नई बसावटों को बेहतर करने की परियोजनाएं भी लंबे समय से ठप हैं.
वित्तीय वर्ष – कुल बजट (करोड़ रुपये में)
2021-22 – 1500
2022-23 – 1740
2023-24 – 2,432
2024-25 – 2054
2025-26 – 2856
2026-27 – 2914 (प्रस्तावित)
होल्डिंग टैक्स से भी राजस्व दोगुनी से अधिक
निगम के होल्डिंग टैक्स से प्राप्त होने वाले राजस्व में पिछले पांच वर्षों में लगातार वृद्धि हुई है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां होल्डिंग टैक्स से 63.67 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 93.1 करोड़ रुपये पहुंच गया. इसके अगले साल यानी 2024-25 में निगम ने 105.7 करोड़ रुपये की वसूली की, जो 2025-26 में और बढ़कर 116.3 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. अब आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निगम ने होल्डिंग टैक्स से 137 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान रखा है.
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लेखक के बारे में
By हिमांशु देव
सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.
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