विद्यार्थी जीवन में भगवद्गीता की प्रासंगिकता की दी गयी जानकारी
Published by : ANUPAM KUMAR Updated At : 14 May 2026 6:36 PM
संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों के जीवन में भगवद्गीता के नैतिक, आध्यात्मिक व व्यावहारिक महत्व को रेखांकित करना था.
संवाददाता, पटना पटना विवि के दर्शनशास्त्र स्नातकोत्तर विभाग द्वारा गुरुवार को “विद्यार्थी जीवन में भगवद्गीता की प्रासंगिकता” विषय पर एक छात्र संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों के जीवन में भगवद्गीता के नैतिक, आध्यात्मिक व व्यावहारिक महत्व को रेखांकित करना था. इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भगवद्गीता के कर्मयोग, आत्मानुशासन, मानसिक शांति, कर्तव्यबोध व आधुनिक जीवन में उसके मार्गदर्शक स्वरूप जैसे विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व दृष्टिकोण प्रस्तुत किये और उन्हें विद्यार्थी जीवन में बेहद प्रासंगिक बताया. कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो अमिता जायसवाल, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो राजेश कुमार सिंह, डॉ विजेता सिंह तथा डॉ मुकेश कुमार चौरसिया सहित सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे. सेमेस्टर-2 के बालाजी ओझा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सेमेस्टर-4 की निधि कुमारी ने द्वितीय व मिंकी कुमारी सेमेस्टर-2 ने तीसरा स्थान प्राप्त किया.
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