बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में चलेगा महाअभियान, गलती करने पर नपेंगे हेल्थ वर्कर

Updated at : 29 Jan 2026 5:12 PM (IST)
विज्ञापन
bihar government hospital news

बिहार के एक सरकारी अस्पताल की तस्वीर

Bihar News: बिहार के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चल रही अवैध निजी गतिविधियों पर अब लगाम लगेगी. सरकार ने स्पेशल इंस्पेकशन टीम बनाकर नियमित निरीक्षण अभियान चलाने का फैसला किया है.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार भर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अब अवैध निजी गतिविधियों पर नकेल कसने की तैयारी तेज हो गई है. सरकार ने साफ कर दिया है कि सरकारी अस्पताल परिसरों में किसी भी तरह का निजी कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों से लेकर जिला, अनुमंडलीय और सदर अस्पताल तक नियमित जांच अभियान चलेगा. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी इसकी जद में होंगे. इसके लिए स्पेशल जांच टीम बनाए जाएंगे.

हेल्थ सेक्रेटरी ने सभी जिलाधिकारियों को भेजा लेटर

हेल्थ सेक्रेटरी लोकेश कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को लेटर भेजा है. पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं. आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में तैनात निजी नर्सिंग होम, जांच घर, एक्स-रे सेंटर और दवा दुकानों से जुड़े लोग मरीजों को बहला-फुसलाकर बाहर भेज रहे हैं.

मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराने, निजी जांच केंद्रों में टेस्ट कराने और निजी दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है. इससे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को सीधा नुकसान पहुंच रहा है. आम लोगों को सरकारी सुविधा से वंचित किया जा रहा है.

सरकार ने इसे गंभीर साजिश करार दिया है. कहा गया है कि यह जनकल्याणकारी योजनाओं में सीधी सेंधमारी है. ऐसे मामलों पर अब सख्त कार्रवाई होगी.

हर जिले में किया जाएगा इंस्पेकशन टीम का गठन

लेटर में निर्देश दिया गया है कि हर जिले में जॉइंट इंस्पेकशन टीम गठित किया जाए. इस दल में वरीय उप समाहर्ता, जिला स्तरीय अधिकारी और सरकारी अस्पतालों में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी शामिल होंगे. यह टीम लगातार अस्पतालों का निरीक्षण करेगी. अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले निजी कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई होगी.

अगर किसी सरकारी कर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी. निलंबन से लेकर अन्य दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं.

जांच और निगरानी को मजबूत करने के लिए हर जिले में एक नोडल पदाधिकारी भी नामित किया जाएगा. यह अधिकारी निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा करेगा. पूरी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी.

Also Read: 2.5 करोड़ की डिफेंडर, 22 लाख की पिस्टल… लग्जरी लाइफ जीते थे ब्लॉगर सूरज बिहारी, एक इंस्टा पोस्ट के लिए हुई हत्या

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन