टीबी के एक लाख से अधिक मरीजों को मिलने लगीं दवाएं

राज्य के एक लाख से अधिक टीबी (यक्ष्मा) के मरीजों को रोग से लड़ने में राहत मिलने लगी है.
टीबी की दवा के क्राइसिस से बाहर निकला बिहार
संवाददाता,पटना
राज्य के एक लाख से अधिक टीबी (यक्ष्मा) के मरीजों को रोग से लड़ने में राहत मिलने लगी है. राज्य में टीबी रोगियों की कम संख्या में नोटिफेकेशन होने के कारण राज्य में अप्रैल, मई और जून माह में केंद्र सरकार से कम मात्रा में दवाओं की आपूर्ति की जा रही थी.
अब केंद्र सरकार ने बिहार के टीबी रोगियों के लिए दवाओं की खेप भेजना आरंभ कर दिया है. इसके मरीजों को तीन माह की जगह पर एक पखवाड़े की ही दवा दी जा रही है.
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि देश के सभी राज्यों में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम लागू है. टीबी मरीजों के इलाज के लिए सभी प्रकार की दवाएं भारत सरकार के माध्यम से प्राप्त होती रही है. कुछ कारणों से केंद्रीय यक्ष्मा प्रभाग से टीबी की दवाओं को भेजने में विलंब हुआ है. इसको देखते हुए राज्य सरकार ने भी स्थानीय स्तर से बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा 12 प्रकार की दवाओं का अनुबंध है. इसके अलावा भारत सरकार द्वारा निर्धारित चार प्रकार का विशिष्ट पैक (कौम्बी पैक) और पांच प्रकार की अन्य टीबी इलाज की दवाएं आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल की गयी है.
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