Lalu Yadav: कांग्रेस का यह प्लान RJD को करेगा परेशान! तेजस्वी यादव की बढ़ेंगी मुश्किलें

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 20 Dec 2024 7:49 PM

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तेजस्वी यादव और लालू यादव (File)

Lalu Yadav: बिहार में 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. इंडिया गठबंधन में शामिल राजद और कांग्रेस के बीच अभी से ही प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल शुरू हो गया है.

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Lalu Yadav: लालू यादव को कांग्रेस के प्लान के बारे में पता चल गया है. इसके बाद उन्होंने रणनीति बदल दी. लालू यादव कांग्रेस के दो नेता को बिल्कुल नहीं पसंद करते क्योंकि वो तेजस्वी यादव के लिए आने वाले वक्त में चुनौती बन सकते हैं. आइये जानते हैं कांग्रेस आखिर क्या प्लान कर रही है?

बिहार में कांग्रेस पिछले कई दशक से बनी हुई है राजद की पिछलग्गू

कांग्रेस का जैसा हाल उत्तर प्रदेश में हैं ठीक वैसा ही हाल बिहार में भी है. दोनों राज्य में कांग्रेस क्षेत्रीय दलों की पिछलग्गू बनी हुई है. कहा तो यह भी जाता है कि बिहार में कांग्रेस का अध्यक्ष और प्रभारी कौन होगा ये भी लालू यादव ही तय करते हैं. उनके गुड बुक में जो कांग्रेसी नेता होते है उन्हें ही कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष और प्रभारी बनाती है. लालू यादव खुद एक बार कह चुके है कि बिहार कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को राज्यसभा भेजने के लिए उन्होंने ही सोनिया गांधी को कहा था.

कांग्रेस का तेवर बदला

लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने 2019 के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया. इसके बाद लगने लगा था कि हरियाणा और महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी सरकार बना लेगी. लेकिन परिणाम उम्मीद के विपरीत आया और दोनों राज्यों में बीजेपी बाजी मार ले गई. दोनों राज्यों में हार के बाद कांग्रेस आलाकमान ने जो मंथन किया, उसमें दो बातों पर सबकी ने सहमति जताई. पहला कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन की जरूरत है. बूथ लेवल पर कार्यकर्ता को एक्टिव किया जाए. दूसरा के विधानसभा चुनावों में स्थानीय मुद्दों को जनता के समक्ष जोरदार तरीके से रखा जाए. इसकी शुरुआत सबसे पहले उत्तर प्रदेश में पार्टी की सभी इकाइयां भंग करके की गई.

कांग्रेस का प्लान

बिहार कांग्रेस में वैसे नेताओं की कमी साफ-साफ दिखती है जो अपनी बातों को प्रभावशाली ढंग से रखता हो. इसलिए कांग्रेस संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करेगी. कांग्रेस बिहार चुनाव से पहले अपने उन दो नेताओं को आगे करने का प्लान कर रही है जिसे लालू यादव और तेजस्वी यादव पसंद नहीं करते. एक का नाम पप्पू यादव और दूसरे का नाम कन्हैया कुमार हैं. पप्पू यादव फिलहाल पूर्णिया से सांसद है और कन्हैया कुमार भी बेगूसराय से सीपीआई के टिकट से चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली थी.

पप्पू यादव और कन्हैया कुमार से लालू यादव और तेजस्वी यादव की अदावत सबको पता है. कन्हैया कुमार को 2019 में जीत इसलिए भी नहीं मिल पाई थी क्योंकि राजद ने इस सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया था. कन्हैया ने इसके बाद कांग्रेस का दामन थाम लिया था लेकिन वो बिहार की राजनीति से दूर हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस उन्हें फिर बेगूसराय से उतारने की तैयारी कर रही थी लेकिन लालू यादव के दबाव में उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया. इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें दिल्ली में उतारा.

कांग्रेस अगले साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में कन्हैया कुमार को आजमाने की तैयारी में है. लालू यादव को जैसे ही इसकी भनक लगी उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर ही सवाल उठा दिया. इसके बावजूद भी कांग्रेस इस बार दबने के मूड में नहीं है.

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Shahnawaz alam

कांग्रेस की मांग

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भी राजद और कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. कांग्रेस पार्टी को उस वक्त 70 सीटें दी गई. इस बार कांग्रेस 70 सीट की मांग कर रही है. कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बिहार कांग्रेस के प्रभारी शाहनवाज आलम ने इस मांग को मीडिया में बताया था. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनेगी तो कांग्रेस पार्टी के दो नेता डिप्टी सीएम बनेंगे. एक सवर्ण और एक मुस्लिम. शाहनवाज आलम ने यह भी कहा था कि गठबंधन में कोई बड़ा या छोटा भाई नहीं होगा. सीटों में किसी प्रकार की कटौती हम स्वीकार नहीं करेंगे.

Pappu yadav

पप्पू यादव भी खेला करने को तैयार

लोकसभा चुनाव से पहले पप्पू यादव ने अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया था. कांग्रेस पार्टी का दामन उन्होंने इसलिए थामा था कि उन्हें राहुल गांधी पूर्णिया से लोकसभा का उम्मीदवार बनायेंगे. उन्होंने कहा था कि इस बात का आश्वासन उन्हें प्रियंका गांधी ने दिया था. जैसे ही यह बात लालू यादव और तेजस्वी यादव को पता चली उन्होंने जदयू विधायक बीमा भारती को राजद में मिला लिया और उन्हें पूर्णिया से उम्मीदवार घोषित कर दिया.

इसके बाद पप्पू यादव ने लालू यादव और तेजस्वी यादव से उनके घर जाकर मुलाकात की लेकिन कुछ नहीं बदला. हद तो तब हो गई जब पूर्णिया में प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव ने कह दिया कि आप लोग अपना वोट राजद को नहीं देंगे तो एनडीए को दे दीजिए, किसी और को नहीं दीजिये. उनका साफ-साफ इशारा पप्पू यादव को लेकर था. अब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पप्पू यादव को भी तेजस्वी से बदला लेने का मौका मिल जाएगा.

Kanhaiya kumar

कन्हैया से तेजस्वी को कैसा डर  

कन्हैया कुमार तेजस्वी यादव से अधिक पढ़े-लिखे हैं. कन्हैया कुमार अपने वाक्पटुता से विपक्षी दल के किसी भी नेता को कुछ देर के लिए सोचने पर मजबूर कर देते हैं. टीवी डिबेट हो या किसी मुद्दे पर बात रखनी हो, कन्हैया हर जगह प्रभावशाली ढंग से बात रखते हैं. ऐसे में अगर कन्हैया बिहार की राजनीति में सक्रिय हो जाते हैं तो लोग तेजस्वी और इनके बीच तुलना करने लगेंगे. यह बात तेजस्वी के लिए कहीं से सही नहीं होगा. लालू यादव इस बात से भलीभांति परिचित हैं. 

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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