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फर्जी कंपनियों व साइबर अपराध पर लगेगी लगाम, हर माह होगी बैठक

Updated at : 14 Jul 2024 11:48 PM (IST)
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फर्जी कंपनियों व साइबर अपराध पर लगेगी लगाम, हर माह होगी बैठक

आमलोगों की गाढ़ी कमाई लेकर चंपत होने वाली फर्जी नन बैंकिंग कंपनियों (एनबीएफसी) और बढ़ते साइबर अपराध पर कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार गंभीर है.

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कैलाशपति मिश्र,पटना

आमलोगों की गाढ़ी कमाई लेकर चंपत होने वाली फर्जी नन बैंकिंग कंपनियों (एनबीएफसी) और बढ़ते साइबर अपराध पर कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार गंभीर है. फर्जी कंपनी और साइबर अपराधियों के चंगुल में राज्य के लोग कम- से -कम फंसे इसको लेकर कई स्तरों पर विशेष रणनीति बनाकर काम किये जा रहे हैं. इस तरह की घटनाओं पर की गयी कार्रवाई की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय को-ऑर्डिनेशन कमेटी (एसएलसीसी) गठित की गयी. इसमें रिजर्व बैंक,रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (एसएलसीसी),भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी),आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू), पुलिस और अन्य स्टेकहोल्डर के प्रतिनिधि रहते हैं. यह कमेटी हर तीन महीने में बैठक कर फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई और साइबर अपराध रोकने के लिए किये जा रहे कार्य की समीक्षा करती है. तीन जुलाई को हुई एसएलसीसी की बैठक में मुख्य सचिव ने इसकी सब कमेटी बनाकर हर महीने समीक्षा करने का निर्देश दिया था. इसके लिए वित्त विभाग को नोडल अधिकारी नामित करने के लिए कहा गया था .स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वित्त विभाग ने विशेष सचिव को एसएलसीसी के सब कमेटी का नोडल अधिकारी भी नामित कर दिया है. अब यह कमेटी हर महीने फर्जी कंपनी और साइबर अपराध को लेकर समीक्षा बैठक करेगी और प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को देगी.

400 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड दर्ज, 42 करोड़ किये होल्ड

बिहार में हो रहे वित्तीय लेन-देन में साइबर फ्रॉड (ऑनलाइन धोखाधड़ी) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) द्वारा एसएलसीसी को दिये गये आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ महीने के दौरान राज्य में करीब 400 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज की गयी है. इस अवधि में बिहार पुलिस को इससे संबंधित करीब 72 हजार से अधिक शिकायत प्राप्त हुई, लेकिन फ्रॉड की गयी राशि की वापसी की स्थिति संतोषजनक नहीं है.इस अवधि में फ्रॉड की गयी राशि का 10.55 फीसदी यानी 42.12 करोड़ रुपये होल्ड कराया गया. हालांकि, तकनीकी कारणों से अधिकतर राशि पीड़ितों कोअभी तक वापस नहीं मिल सकी है. मालूम हो कि इओयू ही साइबर अपराधों से संबंधित सभी मामलों के लिए राज्य की नोडल एजेंसी है.

अनाधिकृत धन संग्रह की शिकायतों पर कार्रवाई राज्य में गैरकानूनी तरीके से लोगों से जमा लेकर चंपत होने वाली कंपनियों के विरुद्ध 24 मुकदमा इओयू में चल रहा है. नोडल अधिकारी की समीक्षा बैठक में इसके बारे में अद्यतन जानकारी ली जायेगी और कार्रवाई के निर्देश दिये जायेंगे.इसके साथ नियामक और कानून प्रवर्तन एजेंसियां डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक करने की संभावना पर भी विचार करेगी. वहीं, इओयू द्वारा अवैध रूप से एकत्र किए गए धन से संबंधित 288 मामले मामलों की समीक्षा की जायेगी.

लोगों को जागरूक करने के लिए चलेगा अभियान

साइबर अपराध पर रोक के लिए सबसे अधिक जरूरी है आमलोगों को इसके बारे में जागरूकता फैलान की.यह काम गृह विभाग, इओयू और रिजर्व बैंक करता है.इसकी समीक्षा एसएलसीसी की वित्त विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में गठित सब कमेटी करेगी.आमतौर पर साइबर जागरूकता और फर्जी कंपनियों सचेत रहने के लिए एसएमएस भेजना,सोशल मीडिया द्वारा जागरूकता,स्कूल और कॉलेज नोटिस बोर्ड का उपयोग किये जाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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