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बिहार से दो और IPS जा रहे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर, जानिए कहां मिली नई जिम्मेदारी

Updated at : 26 Feb 2026 4:07 PM (IST)
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IPS Transfer News

सांकेतिक तस्वीर

Bihar IPS Transfer: बिहार कैडर के दो अहम आईपीएस अधिकारी अशोक मिश्रा और के. रामदास केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं. गृह मंत्रालय के आदेश के बाद दोनों अब CBI में अपनी सेवा देंगे. जिससे राज्य पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है.

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Bihar IPS Transfer: बिहार कैडर के दो अहम आईपीएस अधिकारी अब केंद्र में अपनी सेवा देंगे. 2016 बैच के अशोक मिश्रा और 2019 बैच के के. रामदास को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की मंजूरी मिल गई है. गृह मंत्रालय ने इनके सीबीआई में योगदान को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं.

अभी कहां तैनात थे अधिकारी

अशोक मिश्रा फिलहाल स्पेशल ब्रांच में पदस्थापित हैं. वहीं के. रामदास सीआईडी में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे. दोनों अधिकारियों की गिनती मेहनती और परिणाम देने वाले अफसरों में होती है. ऐसे में उनका अचानक केंद्र जाना कई सवाल खड़े कर रहा है.

सीबीआई में नई जिम्मेदारी

दोनों अधिकारी अब CBI में अपनी सेवाएं देंगे. सीबीआई में पोस्टिंग को प्रतिष्ठित माना जाता है. यहां काम का दायरा राष्ट्रीय स्तर का होता है. बड़े मामलों की जांच और संवेदनशील केस अफसरों की क्षमता की असली परीक्षा लेते हैं.

बिहार छोड़ केंद्र जाने की बढ़ती प्रवृत्ति

पिछले डेढ़ से दो वर्षों में कई आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा चुके हैं. आंकड़े बताते हैं कि एक दर्जन से अधिक अधिकारी राज्य से बाहर सेवा दे रहे हैं. इस सूची में पी. कन्नन, राकेश राठी और जितेंद्र कुमार जैसे नाम भी चर्चा में हैं. कई अन्य अधिकारी भी आवेदन प्रक्रिया में बताए जा रहे हैं.

महकमे के भीतर बढ़ता दबाव

पुलिस विभाग के अंदरूनी हालात भी चर्चा का विषय बने हुए हैं. अधिकारियों के बीच आपसी शिकायतें बढ़ी हैं. ईमानदारी और कार्यशैली को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहते हैं. प्रशासनिक दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाएं भी होती रही हैं. ऐसे माहौल में फील्ड पोस्टिंग कई बार चुनौतीपूर्ण बन जाती है.

आत्ममंथन की जरूरत

विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार को इस प्रवृत्ति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना जरूरी है. पारदर्शी कार्यसंस्कृति और बेहतर कार्य वातावरण से ही ब्रेन ड्रेन रोका जा सकता है. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि राज्य इस चुनौती से कैसे निपटता है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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