बिहार में जमीन मुआवजा नीति 2026 मंजूर, अब रैयत से सीधे जमीन खरीदेगी सरकार, मिलेगा बंपर पैसा
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 27 May 2026 9:42 PM
बिहार सीएम सम्राट चौधरी
Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है. नई जमीन खरीद नीति के तहत अब सरकारी परियोजनाओं के लिए सीधे जमीन खरीदी जा सकेगी और रैयतों को ज्यादा मुआवजा मिलेगा.
Bihar Cabinet: अब केंद्र और राज्य की परियोजनाओं के लिए रैयत से सीधे भी खरीदी जा सकेगी जमीन. कुल कीमत की दस प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दी गयी. कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि अब केंद्रीय और राजकीय परियोजनाओं के लिए रैयत से सीधे भी जमीन खरीद हो सकेगी.
इसके तहत आपसी बातचीत, समन्वय या सहमति के आधार पर निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान करते हुये निबंधित दस्तावेज के माध्यम से जमीन प्राप्त की जा सकेगी. इसके लिए बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत जमीन खरीद होगी.
चार गुणा कीमत मुआवजा में दी जायेगी
इसके तहत शहरी जमीन के बाजार मूल्य या सर्किल दर (एमवीआर) में से जो भी अधिक होगी, उसके दो गुणे की कीमत मुआवजे में दी जायेगी. साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने पर बाजार मूल्य या सर्किल दर (एमवीआर) में से जो भी अधिक होगा, उसके चार गुणा कीमत मुआवजा में दी जायेगी. साथ ही इस नीति के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में रैयत से जमीन लेने पर कुल कीमत पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जायेगी.
इस खरीद की जाने वाली जमीन पर स्टाम्प या पंजीयन शुल्क नहीं लगेगा. इससे सरकारी परियोजनाओं के लिए सरकारी भूमि नहीं रहने की स्थिति में रैयती जमीन का अधिग्रहण अधिक आसानी से हो सकेगा. भू-अर्जन की प्रक्रिया में लगने वाले अतिरिक्त समय और लागत में बचत हो सकेगी.राज्य मंत्रिपरिषद की इस बैठक में 27 एजेंडों पर मुहर लगी.
राज्यकर्मियों एवं पेंशनभोगियों को कैशलैस इलाज की सुविधा
बिहार सरकार ने राज्य कर्मियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य का बड़ा तोहफा दिया है. उनकी वर्षों पुरानी कैशलेस इलाज की मांग को बुधवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिल गयी. मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के प्रथम तल स्थित सभा कक्ष में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि स्वास्थ्य विभाग के तहत बिहार विधान मंडल के वर्तमान और पूर्व सदस्यों सहित उनके आश्रितों को आईपीडी में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जायेगी.
यह सुविधा अखिल भारतीय सेवा के सेवारत और सेवानिवृत्त पदाधिकारियों सहित उनके आश्रित को भी मिलेगी. साथ ही सुविधा का लाभ राज्य सरकार के नियमित पदाधिकारियों और कर्मियों सहित उनके आश्रित या सेवानिवृत्त पेंशनधारी राज्य कर्मी (पति-पत्नी) और पारिवारिक पेंशनर भी ले सकेंगे.
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शहरी क्षेत्रों में जमीन सर्वेक्षण में अब नगर निकायों के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल
शहरी क्षेत्रों में जमीन सर्वेक्षण का काम बेहतर तरीके से करने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके तहत 24 कंडिकाओं को संशोधित किया गया है. अब नगर निकायों के प्रतिनिधि भी शहरी क्षेत्रों के जमीन सर्वेक्षण कार्यों में शामिल हो सकेंगे.
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन सर्वेक्षण को लेकर पर्याप्त प्रावधान हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में ऐसा नहीं होने के कारण अब बेहतर व्यवस्था की गयी है. इससे नगर क्षेत्र में विशेष भू-सर्वेक्षण कार्य में सुविधा और शीघ्रता लायी जा सकेगी. इसे लेकर बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गयी है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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