पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का खुलासा, अवैध शराब के धंधे में हिस्सेदारी विवाद बना हत्या की वजह

Author Anand singh|Edited by Nikhil Anurag
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घटना की जानकारी देती पुलिस

Patna Banti Murder: पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस जांच में पता चला है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हत्या का कारण बना. मामले में अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.

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Patna Banti Murder: पटना जंक्शन से अपहृत बंटी यादव हत्याकांड का पटना पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध शराब के कारोबार से होने वाली कमाई में हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद में बंटी यादव की हत्या की गई थी. मामले में पुलिस ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

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अपहरण का वीडियो भी पुलिस को मिला था

यह मामला जक्कनपुर थाना क्षेत्र निवासी किरण देवी के लिखित आवेदन पर दर्ज किया गया था. आवेदन में उन्होंने बताया था कि छह जुलाई की रात उनका पुत्र बंटी यादव पटना जंक्शन स्थित दूध मंडी दही लेने गया था. वहीं रविश कुमार उर्फ बीसी, रोहित कुमार और छह-सात अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट कर अपहरण कर लिया. घटना का वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया था.

एसआईटी गठित कर शुरू की गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था-01) के नेतृत्व में चार विशेष एसआईटी का गठन किया गया. इनमें अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी विश्लेषण (सीडीआर, टावर डंप, आईपीडीआर और सोशल मीडिया) तथा छापेमारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं.

पहले तीन आरोपी गिरफ्तार, बाद में खेत से मिला शव

जांच के दौरान सात जुलाई को पुलिस ने रोहित कुमार, बजरंगी कुमार और रवि कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इसके बाद 11 जुलाई को अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलेलपुर फोरलेन के नीचे खेत में मिट्टी में दबा बंटी यादव का शव बरामद हुआ.

दो और आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में हुआ खुलासा

आगे की जांच में पुलिस ने सोमवार को रौशन कुमार और अजीत कुमार सहनी को गिरफ्तार किया. पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली.

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि रविश कुमार उर्फ बीसी का मोनी किन्नर से संबंध था. दोनों उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए अवैध शराब लाकर उसकी बिक्री करते थे. इसी कारोबार में हिस्सेदारी की मांग को लेकर बंटी यादव और रविश कुमार के बीच अक्सर विवाद होता था.

साजिश रचकर किया अपहरण और हत्या

पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश में शंकर कुमार, रौशन कुमार, रोहित कुमार, सोनू, मोनी किन्नर, सूरज, बजरंगी कुमार और रवि कुमार ने मिलकर बंटी यादव के अपहरण की साजिश रची. अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई और शव को अथमलगोला थाना क्षेत्र में फोरलेन किनारे खेत में बालू और मिट्टी से ढक दिया गया.

तीन मोबाइल जब्त, फरार आरोपितों की तलाश जारी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं. मामले में फरार मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

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