Bihar: नीतीश सरकार ने दिया मुखिया और सरपंचों को डेथ सर्टिफिकेट देने का अधिकार, आदेश जारी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 12 Aug 2025 3:27 PM
सीएम नीतीश की फाइल फोटो
Bihar: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलने वाले राजस्व महा-अभियान में उत्तराधिकार और बंटवारे से जुड़े नाम परिवर्तन को सरल बनाने का बड़ा फैसला लिया है. अब मृत्यु प्रमाण पत्र के अभाव में स्व-घोषणा पत्र और पंचायत द्वारा किये गए सत्यापन को मान्यता दी जाएगी.
Bihar: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक चलने वाले राजस्व महा-अभियान के दौरान उत्तराधिकार और बंटवारे पर आधारित नाम परिवर्तन को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी जिला समाहर्ताओं को निर्देश जारी किए हैं. 10 अगस्त को राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में पंचायत प्रतिनिधियों के संघों के साथ हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा की गई थी.
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि कई पुराने मामलों में जिन रैयत या जिनके नाम से जमाबंदी है, उनकी मृत्यु कई वर्ष पहले हो चुकी है, लेकिन उनका डेथ सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है. ऐसे मामलों में तत्काल प्रमाण पत्र बनवाना कठिन होता है, जिसके कारण नाम परिवर्तन और बंटवारे की प्रक्रिया वर्षों से अटकी रहती है.
लोगों को कैसे मिलेगा लाभ
इस समस्या को देखते हुए विभाग ने डेथ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है. अब राजस्व महा-अभियान के दौरान ऐसे मामलों में उत्तराधिकारी सफेद कागज पर एक स्व-घोषणा पत्र देंगे, जिसे पंचायत के मुखिया या सरपंच के हस्ताक्षर से प्रमाणित कराया जाएगा. इस दस्तावेज को डेथ सर्टिफिकेट के रूप में मान्य किया जाएगा. इसके अलावा, यदि वंशावली में किसी सदस्य के नाम के साथ ‘मृत’ लिखा है, तो उसे भी प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा.
इस निर्णय का सीधा लाभ उन लंबित मामलों को मिलेगा, जहां केवल डेथ सर्टिफिकेट के अभाव में नाम परिवर्तन या बंटवारा रुका हुआ है. इससे पुराने विवादित और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है.
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किसानों और भूमि स्वामियों के लिए राहत भरा होगा साबित
सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे अपने राजस्व पदाधिकारियों को इस आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराएं. साथ ही, यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान सभी पंचायतों में जागरूकता फैलाई जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें.
राजस्व महा-अभियान का उद्देश्य न केवल नामांतरण और बंटवारे की प्रक्रिया को तेज करना है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और स्पष्टता को भी बढ़ाना है. यह कदम किसानों और भूमि स्वामियों के लिए राहत भरा साबित होगा, जिससे वे अपने भूमि संबंधी कार्य आसानी और समय पर करा सकेंगे.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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