Bihar News: बिहार के छात्रों को भी नहीं भा रहे सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, तीन हजार से अधिक सीटें खाली

Edited by Ashish Jha
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Bihar News: बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के बाहर के राज्यों की तो छोड़िये, बिहार के छात्र भी दाखिला लेने नहीं आ रहे हैं. हालात ऐसे हो चुके हैं कि चार चरणों में हुए दाखिले के बाद भी तीन हजार के करीब सीटें नहीं भरी जा सकी हैं.

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Bihar News: पटना. सरकार की ओर से पहले से ज्यादा सुविधा उपलब्ध कराने के बाद भी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामांकन की स्थिति अच्छी नहीं है, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति कर दिया गया है. पहले से बेहतर प्लेसमेंट भी हुआ है. इसके बावजूद बिहार के छात्रों को सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं भा रहे हैं. बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के बाहर के राज्यों की तो छोड़िये, बिहार के छात्र भी दाखिला लेने नहीं आ रहे हैं. हालात ऐसे हो चुके हैं कि चार चरणों में हुए दाखिले के बाद भी तीन हजार के करीब सीटें नहीं भरी जा सकी हैं.

सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में कुल 13675 सीटें

बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 13675 सीटें हैं. बीसीईसीई की ओर से बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीटों को भरने के लिए पहले जेईई मेन के आधार पर दो राउंड काउंसिलिंग करायी गयी. जेईई मेन के रैंक के आधार पर 46 प्रतिशत सीटों पर नामांकन हुआ था. इसके बाद बची हुई सीटों पर बीसीईसीई के माध्यम से हुई पीसीएम ग्रुप की परीक्षा के माध्यम से दो राउंड का नामांकन कराया गया. इन दो राउंड के बाद भी सीटें नहीं भर सकी. अब स्पेशल राउंड के माध्यम से बचे हुए लगभग तीन हजार से अधिक सीटों पर नामांकन कराया जाएगा. बीसीईसीई जल्द ही स्पेशल राउंड के लिए काउंसिलिंग की तिथि जारी करेगा.

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अब तक इतनी सीटों पर ही हुआ दाखिला

जानकारी के अनुसार जेईई मेन के दो राउंड के बाद बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 6420 (46.95) सीटों पर ही दाखिला हो सका था. यहां 7255 (53.05) सीटें खाली रह गई हैं. इन खाली सीटों में कंप्यूटर साइंस के साथ-साथ उससे जुड़े हुए कई स्ट्रीम में सीटें खाली हैं. अगस्त में हुए दूसरे राउंड के बाद 13675 में 6507 पर दाखिला हुआ था, जिसमें 7168 सीटें खाली रह गई थी, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया था. बाद में 7255 सीटें बच गई है. बीसीईसीईबी ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में बची हुई सीटों पर नामांकन के लिए (बीसीईसीईबी) 2024 की संयुक्त मेधा सूची के आधार पर पीसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ) ग्रुप के अभ्यर्थियों से भरने का निर्णय लिया गया था.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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