जीतन राम मांझी के पास ढाई लाख, पत्नी के पास 50 हजार
Updated at : 22 Sep 2015 6:37 AM (IST)
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जहानाबाद : मैं इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहता था पर क्षेत्र की जनता के दबाव में आकर चुनाव मैदान में उतर रहा हुं. उक्त बातें हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अनुमंडल कार्यालय में निवार्ची पदाधिकारी सह एसडीओ मनोरंजन कुमार के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद […]
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जहानाबाद : मैं इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहता था पर क्षेत्र की जनता के दबाव में आकर चुनाव मैदान में उतर रहा हुं. उक्त बातें हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अनुमंडल कार्यालय में निवार्ची पदाधिकारी सह एसडीओ मनोरंजन कुमार के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद पत्रकारों से कही.
उन्होंने कहा कि एनडीए के नेताओं ने हमें कहा है कि इस बार पूरे राज्य में आपको घुमना है. ऐसी स्थिति में मैं इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहता था पर जनता के अनुरोध को हम ठुकरा नहीं सकते.पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि आपके खिलाफ एक निजी रिश्तेदार चुनाव मैदान में उतर रहे हैं.
इस पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने की छूट है. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि गठबंधन में कुछ सीटों पर अभी भी जिच चल रहा है. एक दो रोज में उसे दूर कर लिया जायेगा.
मांझी के पास ढाई लाख पत्नी के पास 50 हजार
पूर्व सीएम जीतन राम मांझी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान जमा कराये गये शपथ पत्र में उल्लेख किया गया है कि उनके पास नकद ढाइ लाख रुपया है, जबकि उनकी पत्नी शांति देवी के पास 50 हजार रुपया नकद है.
श्री मांझी के विभिन्न बैंक खातों में 32 लाख 46 हजार 876 रुपये जमा हैं, जबकि उनकी पत्नी के बैंक खाते में 8 लाख 87 हजार 554 रुपये जमा हैं. मांझी जी के पास 2005 मॉडल की एक एम्बेस्डर कार है जिसकी कीमत सवा लाख रुपये है. वहीं , साढे चार लाख रुपये मूल्य की एक स्कॉर्पियो भी है. उनकी पत्नी के पास दो लाख 90 हजार रुपये के आभूषण हैं. इनमें दो लाख 40 हजार रुपये का 80 ग्राम सोने का गहना तथा 50 हजार रुपये का एक किलो चांदी का गहना हैं.
गया जिले के खिजरसराय थाना स्थित महकार के रहनेवाले मांझी के पास कोई जमीन नहीं है. उनका अपने गांव में ही एक मकान है, जो तीन हजार स्क्वायर फुट में बना है, जिसकी कीमत 13 लाख रुपये बतायी जाती है. इनके ऊपर कोई लोन नहीं है.
मगध विश्वविद्यालय के गया कॉलेज गया से 1966 में ग्रेजुएशन करने वाले मांझी जी मुख्य रूप से समाजसेवी हैं, जबकि उनकी पत्नी गृहणी हैं. मांझी जी के ऊपर न तो कोई केस है न ही उन्हें किसी केस में सजा हुई है.
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