बिहार में 30 दिन चलेगा खेत बचाओ अभियान, किसानों को मिलेगा लाभ, जानें कैसे मिलेगा फायदा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 01 Jun 2026 9:51 PM

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कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा

Bihar Khet Bachao Abhiyan: बिहार में किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने और जैविक खेती अपनाने के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया गया है. 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में मिट्टी जांच, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ गांव-गांव पहुंचाया जाएगा.

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Bihar Khet Bachao Abhiyan: बिहार में किसानों के लिए एक महीने का विशेष खेत बचाओ अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान 1 जून से 30 जून तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसकी शुरुआत करते हुए कहा कि अभियान का मकसद किसानों को संतुलित खेती, कम रासायनिक खाद के इस्तेमाल और जैविक खेती की ओर बढ़ावा देना है.

कृषि मंत्री ने बताया कि इस अभियान का मकसद कम खाद, सही खाद और सही सलाह के संदेश को हर किसान तक पहुंचाना है. सरकार चाहती है कि किसान जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का इस्तेमाल करें, ताकि खेती की लागत कम हो और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहे. उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों के अधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है. इसलिए किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग के लिए जागरूक किया जाएगा.

मिट्टी जांच और मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर विशेष फोकस

अभियान के दौरान राज्यभर में मिट्टी जांच को प्राथमिकता दी जाएगी. किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर खेती करने की सलाह दी जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि मिट्टी की जांच रिपोर्ट के अनुसार खाद का इस्तेमाल करने से उत्पादन बेहतर होता है और अनावश्यक खर्च भी कम होता है.

सरकार इस अभियान के जरिए जैविक खेती, हरी खाद और विभिन्न बायो-प्रोडक्ट के उपयोग को बढ़ावा देगी. किसानों को बताया जाएगा कि जैविक तरीकों से खेती कर वे मिट्टी को लंबे समय तक उपजाऊ बनाए रख सकते हैं. इसके साथ ही पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए किसानों को नई कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी.

खेतों तक पहुंचेंगे कृषि वैज्ञानिक

अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिक सीधे गांवों और खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करेंगे. उन्हें कम पानी में होने वाली फसलों, फसल विविधीकरण और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी. कृषि विभाग का मानना है कि वैज्ञानिकों की सीधी भागीदारी से किसानों को व्यावहारिक और उपयोगी सलाह मिल सकेगी.

जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सांसदों, विधायकों, मुखिया और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि गांवों में चौपाल लगाकर किसानों को अभियान से जोड़ा जाए और खेती से जुड़ी नई जानकारियां उन तक पहुंचाई जाएं.

अभियान के दौरान ऐसे पात्र किसानों को भी जोड़ा जाएगा जो अब तक किसान क्रेडिट कार्ड या पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं ले सके हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय दलहन-तिलहन मिशन और कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं का लाभ भी गांव स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा.

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विशेष टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी

राज्य के सभी जिलों में विशेष टीमें बनाई गई हैं. इनमें कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिक और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. जिन जिलों और प्रखंडों में रासायनिक खाद का उपयोग सामान्य से अधिक पाया गया है, वहां विशेष बहुविषयक टीमें अभियान की निगरानी करेंगी और किसानों को जागरूक बनाने का काम करेंगी.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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