हावड़ा में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र, अमित शाह आज रखेंगे आधारशिला, अमूल करेगा 700 करोड़ का निवेश

Author Mithilesh Jha|Edited by Amitabh Kumar
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

पश्चिम बंगाल में श्वेत क्रांति 2.0 का आगाज हो रहा है, जिसमें अमूल 700 करोड़ रुपए के निवेश से दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र स्थापित करेगा. केंद्रीय मंत्री अमित शाह इसकी आधारशिला रखेंगे.

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White Revolution 2.0: पश्चिम बंगाल में श्वेत क्रांति (White Revolution) को नया आयाम देने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार (19 जुलाई 2026) को कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में एक ऐतिहासिक परियोजना की आधारशिला रखेंगे. अमूल बंगाल डेरी परियोजना के तहत कोलकाता में दुनिया के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र (World's Largest Curd Production Plant) का भूमिपूजन किया जायेगा. इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित सहकारिता क्षेत्र के कई दिग्गज और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे.

हावड़ा फूड पार्क में लगेगा संयंत्र, हर दिन 30 लाख लीटर दूध का होगा प्रसंस्करण

सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, अमूल (Amul) राज्य के हावड़ा फूड पार्क में लगभग 700 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश के साथ इस महत्वाकांक्षी ‘अमूल बंगाल डेरी परियोजना’ की शुरुआत कर रहा है. संयंत्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा और इसकी क्षमताएं इस प्रकार होंगी.

  • दूध प्रसंस्करण : परियोजना के पूरी तरह तैयार हो जाने पर यहां रोजाना लगभग 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा.
  • दही का रिकॉर्ड उत्पादन : इस मेगा प्लांट में प्रतिदिन करीब 1,000 टन (10 लाख किलोग्राम) दही और अन्य किण्वित (कल्चर्ड) दुग्ध उत्पाद तैयार किये जायेंगे, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा दही संयंत्र बनायेंगे.
  • अन्य दुग्ध उत्पाद : इसके अलावा यहां हर दिन 10 लाख लीटर पैकेज्ड दूध, 2 लाख लीटर यूएचटी दूध, 1 लाख लीटर आइसक्रीम, 20 टन पनीर, 10 टन घी, 10 टन पारंपरिक मिठाइयां और 2.5 लाख पैक फ्लेवर्ड मिल्क का उत्पादन भी किया जायेगा.

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1.25 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ

पश्चिम बंगाल में अमूल का नेटवर्क तेजी से मजबूत हो रहा है. वर्तमान में राज्य के 1.25 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान अमूल के सहकारी नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए हैं. इनमें 30,000 से अधिक महिला किसान हैं. इस सशक्त नेटवर्क के जरिये राज्य से रोजाना करीब 9 लाख लीटर दूध की खरीद की जा रही है, जिसे इस नये प्लांट के आने के बाद और विस्तार मिलेगा.

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‘श्वेत क्रांति 2.0’ और डिजिटल सहकारिता की शुरुआत

अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राज्य को कई अन्य डिजिटल और ढांचागत सौगातें भी देंगे.

  • पंजीकरण प्रमाणपत्र : अमित शाह ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के तहत राज्य में नवगठित 200 से अधिक डेरी सहकारी समितियों और 11 बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियों में से चुनिंदा समितियों को प्रतीकात्मक रूप से पंजीकरण प्रमाणपत्र सौंपेंगे.
  • e-RCS पोर्टल लांच : बंगाल में सहकारी समितियों के निबंधक (रजिस्ट्रार) कार्यालय के कामकाज को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए विकसित किये गये ‘ई-आरसीएस पोर्टल’ (e-RCS Portal) की शुरुआत की जायेगी.
  • गोदामों की सौगात : अमित शाह राज्य के 10 अलग-अलग जिलों में कुल 1,400 मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता वाले 14 नये गोदामों की भी आधारशिला रखेंगे.

भारत टैक्सी के साथ होगा एमओयू

इसके साथ ही, कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और ‘भारत टैक्सी’ के बीच राज्य में ट्रांसपोर्ट व आवागमन सेवाओं के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किये जायेंगे.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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