सिलीगुड़ी के पास BSF चौकी पहुंचे अमित शाह, सीमा सुरक्षा की समीक्षा और ‘चिकन नेक’ पर किया महामंथन

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की चौकी का दौरा कर भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने 'चिकन नेक' गलियारे की सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में भाग लिया. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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Amit Shah Siliguri BSF Post Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (18 जुलाई 2026) को उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी शहर के बाहरी इलाके में स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 18वीं बटालियन की चौकी का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सीमा प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की. गृह मंत्री शुक्रवार रात को ही पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे थे. वह कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे. इसके साथ ही वे बीएसएफ से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे.

अमित शाह के 3 प्रमुख कार्यक्रम

  1. ‘प्रहरी सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे.
  2. बीएसएफ कर्मियों से सीधा संवाद करेंगे.
  3. पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे.

‘चिकन नेक’ गलियारे की सुरक्षा पर महामंथन

बीएसएफ परिसर में गृह मंत्री अमित शाह एक उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं. बैठक में राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, गृह सचिव संघमित्रा घोष, बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार, एनआईए (NIA) के महानिदेशक राकेश अग्रवाल, राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता, उत्तर बंगाल के आईजी सुकेश जैन और खुफिया ब्यूरो (IB) के संयुक्त निदेशक शामिल हो सकते हैं.

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8 राज्यों और 3 देशों से जुड़ा है ‘चिकन नेक’

बैठक का मुख्य एजेंडा ‘चिकन नेक’ के नाम से प्रसिद्ध सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी गलियारे (Siliguri Corridor) की सुरक्षा व्यवस्था है. 17 से 22 किलोमीटर लंबा यह संकरा क्षेत्र भारत के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि यह पूर्वोत्तर के 8 राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला एकमात्र जमीनी मार्ग है. यह गलियारा 3 अंतरराष्ट्रीय सीमाओं- उत्तर में नेपाल, दक्षिण में बांग्लादेश और उत्तर-पूर्व में भूटान के बीच स्थित है.

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सीमा पर बाड़ लगाने के लिए शुभेंदु सरकार ने ट्रांसफर की जमीन

सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने इस संवेदनशील क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 120 एकड़ भूमि बीएसएफ को हस्तांतरित की है. इसके अलावा, सुरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी के मद्देनजर इस इलाके के 7 महत्वपूर्ण राजमार्गों का प्रबंधन भी केंद्र सरकार को सौंप दिया गया है. यह प्रबंधन पहले राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के राष्ट्रीय राजमार्ग प्रकोष्ठ के अधीन था.

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‘उत्तर कन्या’ में प्रशासनिक बैठकें, शाम को पहुंचेंगे कोलकाता

गृह मंत्री अमित शाह का उत्तर बंगाल स्थित राज्य सचिवालय की शाखा ‘उत्तर कन्या’ में भी कई बैठकों की अध्यक्षता करने का कार्यक्रम है. इन बैठकों में सीमा प्रबंधन के अलावा राज्य में नये आपराधिक कानूनों (New Criminal Laws) के क्रियान्वयन तथा जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों की समीक्षा की जायेगी.

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19 जुलाई को कोलकाता में शाह के कई कार्यक्रम

शनिवार शाम को अमित शाह कोलकाता पहुंचेंगे. रविवार को कोलकाता में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने के अलावा, वे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक और उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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