नीतीश का पलटवार : पैकेज के सच पर सफाई नहीं दे पाये प्रधानमंत्री

Updated at : 02 Sep 2015 7:29 AM (IST)
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नीतीश का पलटवार : पैकेज के सच पर सफाई नहीं दे पाये प्रधानमंत्री

बिहार के हक को सौगात बता रहे प्रधानमंत्री पटना : भागलपुर में परिवर्तन रैली के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हल्की बातें नहीं करनी चाहिए. सवा लाख करोड़ के पैकेज का सच मेरे द्वारा सामने लाये जाने पर वे सफाई नहीं दे सके. उन्होंने जिस […]

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बिहार के हक को सौगात बता रहे प्रधानमंत्री
पटना : भागलपुर में परिवर्तन रैली के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हल्की बातें नहीं करनी चाहिए. सवा लाख करोड़ के पैकेज का सच मेरे द्वारा सामने लाये जाने पर वे सफाई नहीं दे सके. उन्होंने जिस तरह हल्की बातें कीं, गलत आंकड़े दिये, वह बहुत कुछ सोचने को मजबूर कर देता है. सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिहार के हक को भी सौगात बता रहे थे.
मुख्यमंत्री आवास पर शाम चार बजे आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आज बहुत विचलित व उदिग्न दिख रहे थे. लगता है कि जिस तरह देश की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है और सेंसेक्स गिर रहा है, उससे वे परेशान हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे तो हर साल अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करते हैं. प्रधानमंत्री एक साल का रिपोर्ट कार्ड पेश कर दें.
मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आज के भाषण में दम नहीं दिखा. वे परेशान थे. किसी का नाम भी लिया. लगता है स्वाभिमान रैली का असर हो गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बार- बार यह कह रहे थे कि दिल्ली के खजाने से वो पैसा देंगे. इस तरह की बात प्रधानमंत्री करें, बड़ा आश्चर्य लगता है. 14वें वित्त आयोग से मिलेगा. वह हमारा हक है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या संघीय ढांचे में ऐसी कोई व्यवस्था है कि राज्यों को केंद्र उसका हक न दे? मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बिहार की चिंता न करे. बिहार आगे बढ़ रहा है और अपने दम पर बढ़ रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री के हर सवाल का उत्तर दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री पांच साल बाद हिसाब देने की बात कह रहे हैं. हम तो हरेक साल जनता के सामने हिसाब रख रहे हैं और इस बार 10 साल का रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया. प्रधानमंत्री एक साल का ही ब्योरा दे दें. मुझे न तो किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत है और न ही गवर्नेंस का पाठ पढ़ने की. हम अपने काम के आधार पर जनता के पास वोट मांगने जायेंगे. उनकी तरह जाति की राजनीति नहीं करते हैं, विकास की राजनीति करते हैं. भाजपा ने तो जाति की राजनीति शुरू कर दी है. प्रधानमंत्री को ओबीसी बता रहा है, तो प्रभारी तक जाति के हिसाब से तय हो रहा है.
पीएम बताएं, वे किसके चेले
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो लोहिया व जेपी का चेला-चपाटा हूं. पर, वे बता दें कि वे किसके चेले हैं. असल में ये लोग गोयबल्स के अनुयायी हैं. शब्द का चयन भी ठीक से नहीं कर पाये. उन्होंने कहा कि मैं जो बोलता हूं, वह करता हूं और आगे भी काम करके दिखाऊंगा. देश के लोग जान चुके हैं कि वे जो कहते हैं, वे करते नहीं. वन रैंक वन, पेंशन की चर्चा करते हुए उन्होंनेे कहा कि चुनाव के पहले बड़ी-बड़ी बातें करते थे. अब क्या हुआ? पीएम के आंकड़ों पर उन्होंने चुटकी ली. कहा कि बिहार आर्यभट की धरती है. यहां के लोग गणित में बेहतर हैं.
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