कच्ची गलियां और जलजमाव बनी पहचान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jan 2020 8:57 AM
पटना : शहरी क्षेत्र होने के बावजूद पटना नगर निगम का वार्ड संख्या तीन अब भी 80% ग्रामीण परिवेश में है. यहां के लोग पानी के लिए चापाकल पर निर्भर हैं. कच्ची गलियों के कारण नियमित सफाई नहीं होती है. जलजमाव भी गंभीर समस्या है. नयी बसी कॉलोनी विकास बिहार में तीन माह बाद जगह-जगह […]
पटना : शहरी क्षेत्र होने के बावजूद पटना नगर निगम का वार्ड संख्या तीन अब भी 80% ग्रामीण परिवेश में है. यहां के लोग पानी के लिए चापाकल पर निर्भर हैं. कच्ची गलियों के कारण नियमित सफाई नहीं होती है. जलजमाव भी गंभीर समस्या है. नयी बसी कॉलोनी विकास बिहार में तीन माह बाद जगह-जगह पर आज भी जलजमाव की समस्या है. ग्रामीण इलाके की तरह दीवारों पर गोइठा ठोकने का काम हो रहा है. नयी कॉलोनियों व पुराने घरों को नया बनाने वाले लोग निजी बोरिंग करा रहे हैं. पाइप से जलापूर्ति के लिए सबजपुरा देवी स्थान में 1.25 करोड़ की लागत से बोरिंग हो रही है.
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