बाढ़ से नुकसान व खर्च का आकलन कर केंद्र को भेजेंगे मेमोरेंडम : नीतीश कुमार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Jul 2019 5:43 AM (IST)
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा कि राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान और राहत-बचाव कार्य में हो रहे खर्च का आकलन किया जा रहा है. आकलन के बाद जल्द ही केंद्र सरकार को मेमोरेंडम भेजा जायेगा. रिपोर्ट सौंपने जाने के बाद केंद्र की टीम राज्य का दौरा करेगी. इसके बाद केंद्र […]
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा कि राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान और राहत-बचाव कार्य में हो रहे खर्च का आकलन किया जा रहा है. आकलन के बाद जल्द ही केंद्र सरकार को मेमोरेंडम भेजा जायेगा. रिपोर्ट सौंपने जाने के बाद केंद्र की टीम राज्य का दौरा करेगी. इसके बाद केंद्र उचित अतिरिक्त सहयोग देगा.
हम केंद्र से इस मामले में उचित सहयोग चाहते हैं. मुख्यमंत्री शुक्रवार को सदन में प्रश्नकाल के बाद बाढ़ और सूखे की मौजूदा स्थिति पर बोल रहे थे. शून्यकाल के दौरान विपक्षी सदस्य राज्य में बाढ़ और सूखे की स्थिति को लेकर हंगामा करते हुए वेल में आ गये. इस पर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों को शांत कराते हुए अपना वक्तव्य दिया.
नीतीश कुमार ने कहा कि सरकारी खजाने पर पहला अधिकार बाढ़पीड़ितों का है. जितनी राशि और मदद की जरूरत पड़ रही है, वह राज्य सरकार अपने स्तर से कर रही है. केंद्र सरकार से एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें मांगी गयी थीं, जो केंद्र ने मुहैया करा दी हैं.
इसके अलावा अतिरिक्त संख्या में हेलीकॉप्टर भी केंद्र की तरफ से दिये गये हैं. राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी के यह कहे जाने पर कि केंद्र सरकार बाढ़ राहत को लेकर क्या कर रही, सदन जानना चाहता है, मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ सुदूरवर्ती इलाकों में राहत सामग्री या फूड पैकेट नहीं पहुंचने की शिकायत कुछ जनप्रतिनिधियों से मिली थी.
इसके बाद उन इलाकों में हेलीकॉप्टर से फूड पैकेट गिराने की व्यवस्था कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि फसल की बर्बादी, घर का नुकसान, कपड़ा, बरतन समेत अन्य सभी तरह के नुकसान के लिए अलग से राहत राशि दी जा रही है. फसल नुकसान के लिए फसल इनपुट सब्सिडी और फसल सहायता राशि दी जायेगी.
अभी छह हजार रुपये बाढ़ सहायता राशि के रूप में दी जा रही है, जिनमें तीन हजार रुपये अनाज और तीन हजार रुपये कपड़ा-बरतन के लिए दी जाती है. सीएम ने कहा कि हाल में सूखा और पर्यावरण परिवर्तन पर एक संगोष्ठी आयोजित हुई थी. जल-जीवन और हरियाली पर विशेष रिपोर्ट एक उच्चस्तरीय टीम तैयार कर रही है. यह टीम आपस में विचार करके इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करेगी.
उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त जिलों के डीएम और आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, पथ निर्माण समेत अन्य संबंधित विभागों के प्रधान सचिवों को भी बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कराकर स्थिति से रू-ब-रू करवा रहे हैं, ताकि राहत और बचाव कार्य अच्छे से हो सके और सुचारु ढंग से चल सके.
बाढ़ग्रस्त इलाकों में सामुदायिक सेंटर और किचन को शुरू करा दिया गया है. अपने संबोधन के दौरान सीएम ने अब्दुल बारी सिद्दीकी से कहा कि भ्रमण के दौरान आपके गांव भी गये थे और हालात का जायजा लिया था. सीएम ने कहा कि 2017 में आये फ्लैश फ्लड से 38 लाख परिवार पीड़ित हुए गये थे, जिन्हें छह-छह हजार रुपये की राहत राशि दी गयी थी. इस बार भी पीड़ितों को यह राशि दी जा रही है.
वेल में आकर राजद सदस्यों ने किया हंगामा
सीएम का संबोधन समाप्त होने के बाद राजद सदस्यों ने केंद्र सरकार पर कुछ टिप्पणी की. इस पर भाजपा के विधायकों ने सख्त आपत्ति जतायी. इसके बाद सभी राजद सदस्य वेल में आकर हंगामा करने लगे. तब सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
बाढ़ को ध्यान में रखकर नयी तकनीकों से बनें पुल
पटना. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बाढ़ग्रस्त राज्य है. इसे ध्यान में रखकर नयी तकनीक आधारित पुल बनाने पर विचार करना होगा. साथ ही व्यवस्था बनानी पड़ेगी कि नदी में भी पुलों की जांच हो. सभी पुलों का हेल्थ कार्ड बने और हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाये. उन्होंने एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा िक पुलों का सेफ्टी ऑडिट हो. विस्तृत पेज 09
- राहत-बचाव कार्य तेज
- हेलीकॉप्टर से गिराये जा रहे फूड पैकेट
- कपड़ा-बरतन के लिए हर पीड़ित परिवार को दिये जा रहे Rs 6000
- सामुदायिक सेंटर और किचन को करा दिया गया है शुरू
- फसल इनपुट सब्सिडी और फसल सहायता राशि भी दी जायेगी
केंद्र से अब तक मदद
- एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें मुहैया करायी गयीं
- अतिरिक्त संख्या में हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध कराये गये
सीएम आज बाढ़-सुखाड़ पर करेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
मुख्यमंत्री शनिवार को दोपहर 12 बजे से सीएम सचिवालय के संवाद कक्ष में सभी जिलों के डीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे. इस दौरान सीएम सभी जिलों में बाढ़ व सुखाड़ की स्थिति का जायजा लेंगे. साथ ही बाढ़ राहत कार्यों की भी जानकारी लेंगे. इसमें मुख्य सचिव समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे. सीएम बाढ़ग्रस्त इलाकों में इंतजाम पर संबंधित डीएम से खासतौर से बात करेंगे और निर्देश भी देंगे.
बाढ़ से अररिया व पूर्वी चंपारण में टूटी सड़क
गंडक बराज व कोसी बराज से पानी छोड़े जाने से पश्चिमी चंपारण, कटिहार, सुपौल, अररिया समेत अन्य जिलों में फिर बाढ़ का पानी फैल गया है. पश्चिमी चंपारण के लौरिया तीसरे दिन भी रामनगर-नरकटियागंज का संपर्क टूटा रहा. वहीं, लौरिया-नरकटियागंज रोड पर बना डायवर्सन चार फुट बह
गया है.
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