पटना : शिशु विभाग में 52 बेडों पर 75 बच्चे भर्ती, छह नवजातों पर एक नर्स

Updated at : 22 Jul 2019 9:22 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : शिशु विभाग में 52 बेडों पर 75 बच्चे भर्ती, छह नवजातों पर एक नर्स

मानक के अनुसार तीन नवजातों पर एक नर्स होनी चाहिए जल्द ही वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ने वाली है पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोजाना भर्ती होने वाले बच्चों के मुकाबले बेड कम पड़ गये हैं. शिशु रोग विभाग में फिलहाल 52 बेडों की सुविधा है. लेकिन, वर्तमान समय में यहां कुल […]

विज्ञापन
मानक के अनुसार तीन नवजातों पर एक नर्स होनी चाहिए
जल्द ही वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ने वाली है
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोजाना भर्ती होने वाले बच्चों के मुकाबले बेड कम पड़ गये हैं. शिशु रोग विभाग में फिलहाल 52 बेडों की सुविधा है. लेकिन, वर्तमान समय में यहां कुल करीब 75 नवजात को भर्ती किया जा चुका है.
बेडों की संख्या कम होने के कारण यहां एक ही बेड पर दो बच्चों को भर्ती किया जा रहा है. इधर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पीएमसीएच में आने वाले सभी बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज करना जरूरी है. हालांकि, जल्द ही वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ने वाली है.
महज 38 नर्सों के भरोसे चल रहा शिशु वार्ड
शिशु वार्ड में वर्तमान समय में नर्सों की कमी चल रही है. ऐसे में नवजात की देखभाल मुश्किल हो गयी है. मानक के अनुसार तीन नवजात पर एक ट्रेंड नर्स की जरूरत पड़ती है. लेकिन, मौजूदा समय में शिशु रोग विभाग में छह नवजात पर एक नर्स काम कर रही हैं. जबकि, विभाग के विभागाध्यक्ष की मानें, तो 52 अतिरिक्त नर्सों की मांग की गयी है. लेकिन, अभी तक नर्सों की कमी की भरपाई नहीं हो पायी है.
12 वॉर्मर मशीनें खराब
शिशु रोग विभाग में बच्चों के इलाज के लिए 54 वाॅर्मर मशीनें लगी हुई हैं. लेकिन, इनमें 12 मशीनें मेंटेनेंस के अभाव में खराब पड़ी हैं. बड़ी बात तो यह है कि बच्चों के बेहतर इलाज के लिए 10 बेडों के आइसीयू की सुविधा शुरू होने की बात हो रही है. वर्तमान समय में छह बेड का पीकू वार्ड है, जिसे बढ़ा कर 16 करना है. हालांकि, अभी तक शुरू नहीं हो पायी है. ऐसे में बच्चों को भर्ती करने में डॉक्टरों को परेशानी हो रही है.
पीएमसीएच में बच्चों का इलाज बेहतर हो इसके लिए थैलेसेमिया सेंटर खोला जा रहा है. इतना ही नहीं शिशु रोग विभाग में बनाये गये पीकू वार्ड में बेडों की संख्या सहित जो भी कमियां हैं उसे 15 अगस्त तक दूर कर दिया जायेगा. अस्पताल प्रशासन की ओर से तैयारी लगभग पूरी ली गयी है. इसके लिए अलग डॉक्टर व नर्स आदि की सुविधा प्रदान की जायेगी.
डॉ आरके जमैयार, उपाधीक्षक, पीएमसीएच
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन