पटना : मेयर समर्थक पार्षद ही जीते और हारे

Updated at : 04 Jul 2019 9:22 AM (IST)
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पटना : मेयर समर्थक पार्षद ही जीते और हारे

अविश्वास प्रस्ताव के खेल में विपक्ष पहले से ही रहा धराशायी पटना : मेयर सीता साहू पर आये अविश्वास प्रस्ताव का खेल बड़ा दिलचस्प रहा. इस खेल में मेयर के समर्थक पार्षद ही पक्ष व विपक्ष दोनों में रहे. इस अविश्वास प्रस्ताव के चक्रव्यूह की रचना ऐसी की गयी थी कि विपक्ष में रहे पूर्व […]

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अविश्वास प्रस्ताव के खेल में विपक्ष पहले से ही रहा धराशायी
पटना : मेयर सीता साहू पर आये अविश्वास प्रस्ताव का खेल बड़ा दिलचस्प रहा. इस खेल में मेयर के समर्थक पार्षद ही पक्ष व विपक्ष दोनों में रहे. इस अविश्वास प्रस्ताव के चक्रव्यूह की रचना ऐसी की गयी थी कि विपक्ष में रहे पूर्व डिप्टी मेयर व उनके गुट के पार्षदों को हवा तक नहीं लगी.
बीते एक सप्ताह के पूरे घटना क्रम में चर्चा इस बात की रही कि कोई दूसरा विरोधी अविश्वास प्रस्ताव मेयर लाये, इससे पहले अपने समर्थकों ने ही अविश्वास प्रस्ताव ला दिया, ताकि विरोधी षड्यंत्र कर कुर्सी पर नजर नहीं लगा सकें. वहीं बुधवार को जब मेयर के विपक्ष में मात्र दो पार्षदों ने वोट किया, तो पूरा मामला साफ हो गया. कुल मिला कर इस अविश्वास प्रस्ताव का खेल पूरा नाटकीय रहा और मेयर ही जीतीं और उनके समर्थक ही. जबकि, विपक्षी गुट के आंखों के सामने से बाजी फिसल गयी और वे शुरू से अंत तक धराशायी दिखे.
अविश्वास प्रस्ताव पर आयोजित बैठक में सिर्फ दो पार्षद ही प्रस्ताव के पक्ष में खड़े हुए. इनमें वार्ड संख्या-11 के पार्षद रवि प्रकाश और वार्ड-47 के पार्षद सतीश कुमार शामिल थे. इन दोनों पार्षदों ने सदन में कहा कि मेयर के पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में विकास कार्य ठप रहा.
पार्षदों के साथ भी भेदभाव शुरू हो गया है. वहीं बैठक में मेयर के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के विपक्ष में दो पार्षद आशीष कुमार सिन्हा और कैलाश प्रसाद यादव ने सदन में अपनी बात रखी. आशीष कुमार सिन्हा ने कहा कि विकास की प्रतिमूर्ति हैं मेयर सीता साहू. राजधानी में हुए विकास कार्य की चर्चा सिर्फ राज्य में नहीं, बल्कि देश में हो रही है. मेयर के दो वर्षों के कार्यकाल में हुआ परिवर्तन चारों तरफ दिखने लगा है.
एक भी महिला पार्षद वोटिंग प्रक्रिया में नहीं हुईं शामिल
अविश्वास प्रस्ताव पर आयोजित बैठक में 44 पार्षद उपस्थित हुए. इनमें 20 महिला पार्षद भी शामिल थीं. लेकिन, एक भी महिला पार्षद वोटिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं हुईं. 12 पुरुष पार्षद वोटिंग प्रक्रिया में शामिल हुए. इनमें सिर्फ दो पार्षद ही प्रस्ताव के पक्ष में और 10 पार्षदों ने विपक्ष में वोट दिया.
बैठक में मेयर सीता साहू ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मेरे ऊपर तीन आरोप लगाये गये हैं. ये तीनों आरोप गलत व बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा कि दो वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है. इन दो वर्षों में जितने विकास कार्य हुए, वे कार्य पिछले 10-15 वर्षों में नहीं किया गया है. दो वर्षों में हुए विकास कार्य शहर के आम नागरिक महसूस कर रहे हैं. शहर अंधेरे में डूबा रहता था, जो आज शाम होते ही जगमग दिखने लगा है. बजट आकार को बढ़ा कर साढ़े चार हजार करोड़ किया गया, ताकि शहर की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ आधारभूत संरचना का विकास किया जा सके.
वोट नहीं देने का लगाया आरोप
बैठक से दूर रहे पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने कहा कि मेयर की ओर से प्रायोजित बैठक थी. इस बैठक की विधिवत सूचना पार्षदों को नहीं दी गयी. आनन-फानन में बैठक बुलायी गयी. इससे वे बैठक में शामिल नहीं हुए. हालांकि, सूचना मिली है कि कई महिला पार्षदों को वोट नहीं देने दिया गया है.
बैठक की प्रोसीडिंग आने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. वहीं, मेयर गुट के पार्षद आशीष कुमार सिन्हा व इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि पहले ही हार मान चुके पूर्व डिप्टी मेयर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं. बैठक की गंभीरता समझते, तो अपने समर्थक पार्षदों के साथ बैठक में उपस्थित होते.
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