पटना : बंधुआ मजदूरी की रोकथाम को श्रम विभाग बनायेगा स्टेट प्लान

Updated at : 24 Jun 2019 9:03 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : बंधुआ मजदूरी की रोकथाम को श्रम विभाग बनायेगा स्टेट प्लान

बिहार में बंधुआ मजदूरों की संख्या कम, लेकिन अन्य राज्यों में बंधुआ मजदूरी चिंताजनक पटना : श्रम संसाधन विभाग बंधुआ मजदूरी को लेकर चिंतित है. हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों से 30 से अधिक बंधुआ मजदूरों को छुड़ाया गया है. यह बिहार के बाहर हैं, जो बंधुआ मजदूरी कर रहे थे. उनको वहां से […]

विज्ञापन
बिहार में बंधुआ मजदूरों की संख्या कम, लेकिन अन्य राज्यों में बंधुआ मजदूरी चिंताजनक
पटना : श्रम संसाधन विभाग बंधुआ मजदूरी को लेकर चिंतित है. हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों से 30 से अधिक बंधुआ मजदूरों को छुड़ाया गया है.
यह बिहार के बाहर हैं, जो बंधुआ मजदूरी कर रहे थे. उनको वहां से मुक्त कराया गया है. विभाग ने बंधुआ मजदूरी के लिए स्टेट प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. प्लान तैयार होने के पूर्व इसमें किस-किस विभाग को जोड़ा जायेगा और किस विभाग का क्या काम होगा, इसकी पूरी जानकारी रहेगी. प्लान तैयार होने के बाद इसकी स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के पास जायेगा.
बिहार लाने के पूर्व सभी वैधानिक औपचारिकताएं की जायेंगी पूरी
बिहार के बंधुआ मजदूर अगर किसी भी राज्य से छुड़ाया जायेंगे, तो उसे वापस बिहार लाने के पूर्व वहां सभी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर ली जायेंगी. श्रम संसाधन विभाग ने बिहार से सटे यूपी, झारखंड, एमपी, राजस्थान, दिल्ली सहित अन्य राज्य के पदाधिकारियों से इसको लेकर अनुरोध किया है.
बंधुआ मजदूरों का होगा नियमित सर्वेक्षण
बंधुआ मजदूरों को विमुक्त कराने के बाद बच्चों को कौशल विकास कराने, बेहतर शिक्षा दिलाने एवं बालश्रमिकों के लिए नियमित सर्वेक्षण कराया जायेगा. इसके लिए अधिकारियों व आम लोगों से अपील की जायेगी कि बंधुआ मजदूर काम करते मिले, तो उसकी सूचना संबंधित पदाधिकारियों और पुलिस को जरूर दें.
स्टेट प्लान में विभागों की जिम्मेदारी तय होगी
विभागीय स्तर पर बंधुआ मजदूरी की रोकथाम के लिए एक स्टेट प्लान बनेगा. ताकि सभी विभागों की जिम्मेदारी तय हो सके.
दीपक कुमार सिंह, प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन