पटना : एक टीएमटी मशीन के भरोसे दिल के मरीज
Updated at : 12 Jun 2019 8:56 AM (IST)
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आइजीआइसी : दो मशीनें खराब, 1200-1500 रुपये देकर मरीज बाहर से करा रहे जांच पटना : इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में दो ट्रेड मिल टेस्ट (टीएमटी) मशीनें करीब तीन सप्ताह से बंद पड़ी हैं. इसके चलते दिल के मरीजों को बाहर जांच करानी पड़ रही है. हालांकि विकल्प के तौर पर एक मशीन से […]
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आइजीआइसी : दो मशीनें खराब, 1200-1500 रुपये देकर मरीज बाहर से करा रहे जांच
पटना : इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में दो ट्रेड मिल टेस्ट (टीएमटी) मशीनें करीब तीन सप्ताह से बंद पड़ी हैं. इसके चलते दिल के मरीजों को बाहर जांच करानी पड़ रही है. हालांकि विकल्प के तौर पर एक मशीन से काम चलाया जा रहा है.
लेकिन मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि एक मशीन से जांच नहीं हो पा रही है. नतीजा रोजाना करीब 350 से अधिक मरीजों की जांच बाहर करायी जा रही है. वहीं, सूत्रों की मानें, तो जो एक मशीन संचालित है, वह भी काफी पुरानी हो चुकी है, उसमें भी कई बार खराबी आ चुकी है. ऐसे में वह मशीन भी कब काम करना बंद कर दे कुछ कहा नहीं जा सकता है.
1500 में मरीज करा रहे जांच
आइजीआइसी में यह जांच मुफ्त में की जाती है, जबकि प्राइवेट में इस मशीन से जांच कराने पर 1200 से 1500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. अस्पताल सूत्रों की मानें, तो बीते तीन सप्ताह से दोनों मशीनें बंद पड़ी हैं. जानकारों की मानें, तो खराब हुई दोनों मशीनों की बीच में मरम्मत भी की गयी थी, लेकिन यह फिर खराब हो गयी. इधर मशीन खराब होने के कारण अस्पताल परिसर में दलालों का कब्जा अधिक बढ़ गया है. मरीजों को झांसा देकर दलाल चिह्नित निजी सेंटर ले जाकर जांच करा रहे हैं.
रुकावट की होती है जांच
किसी भी मरीज के सीने में दर्द होने पर डॉक्टर उसे टीएमटी जांच कराने को बोलते हैं. इस जांच से पता चल जाता है कि हृदय में कहीं खून की रुकावट तो नहीं है. निगेटिव या पॉजीटिव रिपोर्ट आने पर डॉक्टर उसी के अनुसार उपचार करते हैं. खून की रुकावट होने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. इसके बाद ही डॉक्टर तय करते हैं कि मरीज को एंजियोग्राफी करनी है या नहीं.
मशीन देगा बीएमआइसीएल
आइजीआइसी के निदेशक डॉ एसएस चटर्जी ने कहा कि मशीन में खराबी की सूचना संबंधित विभाग को दी गयी है. बीएमएसआइसीएल को भी नयी मशीन सप्लाइ करने के लिए लिखा जा चुका है. अब यह मशीन मरम्मत के लायक नहीं है, इसलिए नयी मशीन की जरूरत है. इतना ही नहीं विभाग की ओर से नयी मशीन की खरीदारी भी हो गयी है. उम्मीद है कि इस महीने मशीन संस्थान को मिल जायेगी.
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