पटना: युवती की मौत पर पुलिस-पब्लिक में भिड़ंत

Updated at : 17 Mar 2019 9:01 AM (IST)
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पटना: युवती की मौत पर पुलिस-पब्लिक में भिड़ंत

बाइपास पर हुआ हंगामा, पथराव में डीएसपी व पुलिस चालक जख्मी, लाठीचार्ज घायल फुलवारीशरीफ डीएसपी पीएमसीएच में भर्ती, आरोपितों की जल्द होगी गिरफ्तारी पटना/फुलवारीशरीफ : रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के बाइपास स्थित फोर्ड हॉस्पिटल के बाहर पुलिस और पब्लिक के बीच शनिवार की दोपहर जोरदार भिड़ंत हो गयी. इस दौरान गुस्साये लोगों ने पुलिस पर […]

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बाइपास पर हुआ हंगामा, पथराव में डीएसपी व पुलिस चालक जख्मी, लाठीचार्ज
घायल फुलवारीशरीफ डीएसपी पीएमसीएच में भर्ती, आरोपितों की जल्द होगी गिरफ्तारी
पटना/फुलवारीशरीफ : रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के बाइपास स्थित फोर्ड हॉस्पिटल के बाहर पुलिस और पब्लिक के बीच शनिवार की दोपहर जोरदार भिड़ंत हो गयी. इस दौरान गुस्साये लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इसमें फुलवारीशरीफ के डीएसपी संजय पांडेय बुरी तरह से चोटिल हो गये. साथ ही पुलिस वाहन के चालक का हाथ टूट गया. उन्हें तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया और फिर पीएमसीएच रेफर किया गया है.
उनका इलाज जारी है. वहीं, पथराव से नाराज पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे बाइपास पर खेमनीचक के पास अफरा-तफरी मच गयी. पुलिस ने सबको खदेड़ कर भगा दिया. दरअसल लोगों का गुस्सा भड़कने के पीछे बेऊर के 70 फीट रोड पर हुलुक के पास एक प्लाॅट को लेकर विवाद था. शुक्रवार को हुई मारपीट और घायल युवती डेजी (22 वर्ष) की अस्पताल मेें मौत के बाद शनिवार को लोग भड़क उठे. जानकारी के मुताबिक बेऊर थाना के हुलुकपुर गांव में भूमि विवाद को लेकर कल जम कर मारपीट में दो महिलाओं समेत चार लोग घायल हो गये थे.
थानेदार ने आरोपों को बताया गलत
इधर, बेऊर थानेदार प्रवेश भारती ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि परिजनों में से कोई भी थाने में नहीं आया और न ही मामला लिखित दिया था. इसके बावजूद फोर्ड हॉस्पिटल में रामकृष्ण नगर पुलिस ने घायल का बयान लिया और बेऊर भेजा. इसके बाद बेऊर थाना में कल रात में ही मामला दर्ज कर लिया गया. दूसरे पक्ष के लोगों ने भी बेऊर थाना से संपर्क किया था. मारपीट के दौरान घायलों में डेजी की मौत हो चुकी है, जबकि अखिलेश कुमार, संजय कुमार, उसकी मां पार्वती देवी और निप्पू कुमार का इलाज चल रहा है.
पुलिस पर लगाया आरोप : घायल डेजी को बाइपास स्थित फोर्ड अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. सुबह से घायल डेजी के परिजन बोल रहे थे कि पुलिस मरीज से मिलने नहीं दे रही है और मरीज की मौत हो चुकी है. जबकि पुलिस का कहना था कि मरीज अभी नहीं मरी है.
कुछ देर बाद जब डेजी की मौत की पुष्टि हो गयी, तो लोग पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगा कर पुलिस पर ही टूट पड़े. इसमें डीएसपी फुलवारीशरीफ संजय पांडेय के नाक पर पत्थर लगा और नाक से खून बहने लगा. डीएसपी को घायल देख पुलिस ने भी लोगों पर लाठीचार्ज किया. पुलिस को राइफल ताननी पड़ी. तब जाकर लोगों को अस्पताल के पास से खदेड़ा जा सका.
यह है मामला
इस संबंध में पीड़ित परिवार के गुड्डू कुमार ने बताया कि आलोक सिंह, दिलीप सिंह, सत्येंद्र सिंह, नीरज कुमार से भूमि विवाद चल रहा है.
न्यायालय ने डिग्री हम लोग को दी तब भी दबंगों ने आकर मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए कहा कि कहा कि हम किसी तरह की डिग्री नहीं मानेंगे. परिजनों का आरोप है कि बेऊर थाना कल से इस मामले में कोई एक्शन नहीं ले रहा था. मामले की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की जा रही थी. डेजी की मौत हो गयी, तब खुद को बचाने के लिए पुलिस मृत युवती को जिंदा बता कर इलाजरत बता रही थी.
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