सुरक्षित नहीं हैं पीएमसीएच में नवजात, भिखारी बन कर रह रही महिला बच्चा चोरी करती पकड़ी गयी
Updated at : 10 Jan 2019 8:46 AM (IST)
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मौजूद महिलाओं ने की पिटाई, पुलिस को सौंपा सीसीटीवी कैमरों के आधार पर चल रही जांच पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति वार्ड में बुधवार को नवजात शिशु को चुराते हुए एक महिला को लोगों ने रंगे हाथ दबोच लिया. पहले तो मौजूद महिलाओं ने उसकी पिटाई की और बाद में […]
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मौजूद महिलाओं ने की पिटाई, पुलिस को सौंपा
सीसीटीवी कैमरों के आधार पर चल रही जांच
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति वार्ड में बुधवार को नवजात शिशु को चुराते हुए एक महिला को लोगों ने रंगे हाथ दबोच लिया. पहले तो मौजूद महिलाओं ने उसकी पिटाई की और बाद में टीओपी पुलिस को इसकी जानकारी दी गयी. महिला वहां भिखारी बन कर रही थी. पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले गयी. हालांकि महिला खुद को बेकसूर बता रही है. अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के आधार पर जांच चल रही है.
यह है मामला : शहर के गुलबी घाट निवासी दिलीप कुमार ने अपनी पत्नी उषा देवी को पीएमसीएच के स्त्री एवं प्रसूति वार्ड में दो जनवरी को भर्ती कराया था.
तीन जनवरी को ऊषा ने बच्चे को जन्म दिया. दिलीप ने बताया कि जिस वार्ड में पत्नी भर्ती थीं, उसी में कई दिन से ममता नाम की महिला भिखारी घूमती थी. महिला कभी रोटी मांगती थी, तो कभी साड़ी. बुधवार की सुबह जब पत्नी अपने बच्चे के साथ सो रही थी तभी वह महिला बच्चे को लेकर भागने लगी. बच्चा को लेकर भागते बच्चे की नानी ने देखा और महिला को रंगे हाथ पकड़ लिया गया. महिला सासाराम की रहनेवाली है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिस महिला ने बच्चा चोरी की उसको पुलिस के हवाले सौंप दिया गया है. प्रसूति वार्ड के डॉक्टर व सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट किया गया है. सुरक्षा में लगे कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा गया कि अनजान लोग वार्ड में नहीं प्रवेश करे. अगर इस तरह की घटना होती है तो नियमानुसार पहले कर्मचारियों से ही स्पष्टीकरण मांगा जायेगा. फिलहाल चोरी करने वाली महिला के गिरोह के बारे में पता लगाया जा रहा है.
—डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक पीएमसीएच
पटना : सुरक्षित नहीं हैं पीएमसीएच में नवजात
पटना : पीएमसीएच सहित शहर के लगभग हर सरकारी अस्पतालों में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय हैं. ज्यादातर मामलों में सूनी गोद को भरने के लिए इन बच्चों की चोरी होती है. पिछले दो वर्षों में पीएमसीएच सहित शहरी अस्पतालों से बच्चा चोरी के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. इनमें सबसे अधिक पीएमसीएच और एनएमसीएच अस्पताल शामिल हैं. इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.
बच्चों की होती है खरीद-बिक्री : बच्चा चोरी करने वाले कुछ गिरोह सक्रिय हैं. इसमें दलाल व एजेंट से लेकर अस्पताल कर्मी खासकर कुछ प्राइवेट अस्पतालों तक शामिल हैं. शातिरों की नजर नवजात पर होती है, जिसकी कीमत एक लाख या उससे अधिक होती है. इसमें गिरोह के सॉफ्ट टारगेट पर गरीब मां होती है. वहीं, बच्चों के खरीदारों में रईस परिवार भी शामिल होते हैं.
अस्पतालों में बच्चा चोरी की घटनाएं
18 अक्तूबर, 2018
पीएमसीएच में खुशबू कुमारी के सात दिन के बेटे को चोरी करने का प्रयास, सुरक्षा गार्ड ने महिला चोर को पकड़ा
11 नवंबर, 2017
एनएमसीएच के स्त्री व प्रसूति वार्ड में सरोज देवी का बच्चा चोरी हो गया. चोर को पकड़ा नहीं जा सका है
16 सितंबर, 2017
नालंदा जिले की सोहनी देवी का पांच दिन का बच्चा पीएमसीएच में चोरी हुआ. चोर पकड़ा गया
23 मार्च, 2017
पीएमसीएच में सीतामढ़ी से इलाज कराने आयी रानी देवी का छह साल का बच्चा चोरी हो गया
मई, 2016
गर्दनीबाग में अस्पताल में एक महिला की दो साल की बेटी चोरी हो गयी. चोर गिरफ्तार कर लिया गया
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