पटना : मुकाबले के लिए उतरी सियासी व तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Oct 2018 8:15 AM

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मिथिलेश अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में घूम रहे जदयू के मुस्लिम नेता, युवा और उलेमाओं की उमड़ रही है भीड़ पटना : राज्य के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सियासी व तालिमी बेदारी काॅन्फ्रेंस की मजलिस धूम मचा रही है. काॅन्फ्रेंस में युवा और उलेमाओं की भीड़ उमड़ रही है़ बेदारी यानी जागृति सभा अल्पसंख्यकों को यह […]

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मिथिलेश
अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में घूम रहे जदयू के मुस्लिम नेता, युवा और उलेमाओं की उमड़ रही है भीड़
पटना : राज्य के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सियासी व तालिमी बेदारी काॅन्फ्रेंस की मजलिस धूम मचा रही है. काॅन्फ्रेंस में युवा और उलेमाओं की भीड़ उमड़ रही है़ बेदारी यानी जागृति सभा अल्पसंख्यकों को यह बता रही है कि लालू प्रसाद और कांग्रेस के शासनकाल में भाजपा का डर दिखा कर उन्हें वोट बैंक समझा गया़
अब नीतीश कुमार की सरकार अल्पसंख्यकों के विकास और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए कई काम कर रही है़ जिसका सीधा लाभ अल्पसंख्यक अवाम को मिल रहा है़
लोकसभा चुनाव के पहले बेदारी काॅन्फ्रेंस आधे से अधिक जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की मुुहिम पर है. सियासी व तालीमी बेदारी काॅन्फ्रेंस को जदयू के तनवीर अख्तर और खालीद अनवर खास तौर पर नेतृत्व कर रहे हैं. उन्हें वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो हारूण रशीद का भी सहयोग मिल रहा है.
फिलहाल, उपेंद्र कुशवाहा की पैगाम-ए-खीर के इतर सुपौल से शुरू होकर बेदारी काॅन्फ्रेंस अब तक मधुबनी, अररिया और कटिहार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है़ अगली कड़ी में किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी, गया, चंपारण में इसका आयोजन होगा.
इसके बाद अल्पसंख्यक बहुल दूसरे जिलों में भी काॅन्फ्रेंस से जुड़े लोग जायेंगे़ राज्य की चालीस लोकसभा सीटों में करीब 12 से अधिक सीमावर्ती इलाके की सीटें हैं. सौ से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में अल्पसंख्यक हार-जीत में निर्णायक होते हैं. इस लिहाज से भी बेदारी काॅन्फ्रेंस की मजलिसों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है़ बेदारी काॅन्फ्रेंस के लिए दो तरह के बुकलेट प्रकाशित किये गये हैं.
एक बुकलेट में राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही अल्पसंख्यक विकास योजनाओं की पूरी सूची है़ 28 पन्नों की इस पुस्तिका में 14 पन्ने हिंदी में और इतने ही पन्नों में उर्दू में जानकारी दी गयी है़ दूसरी किताब पूरी तरह उर्दू में है़ इसके इतर एक पंपलेट भी तैयार किया गया है़ जिसमें बेदारी कांफ्रेंस के उद्देश्य को बताया गया है़ प्रत्येक कांफ्रेंस के लिए दस-दस हजार किताबों का प्रकाशन किया गया है़
गिनाये जा रहे नीतीश सरकार के काम, युवाओं-महिलाओं पर फोकस
अल्पसंख्यक बहुल इलाके में बेदारी पदयात्रा भी होगी
दूसरे चरण में बेदारी काॅन्फ्रेंस से जुड़े नेताओं की पदयात्रा होगी़ पदयात्रा के माध्यम से अल्पसंख्यक युवा और उलेमाओं को सरकार की ओर से चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी जायेगी़
बेदारी काॅन्फ्रेंस के संरक्षक विधान पार्षद तनवीर अख्तर ने बताया कि हम वोट नहीं मांग रहे, हम लोगों में जागृति फैला रहे हैं. एक-एक काॅन्फ्रेंस में दस हजार लोग तक जमा हो रहे हैं. हम उन्हें शिक्षा के बारे में फोकस कर रहे हैं. अल्पसंख्यकों में गरीबी और शिक्षा सबसे बड़ी समस्या है़
अवाम को दे रहे सरकार के काम की जानकारी
सियासी व तालीमी बेदारी काॅन्फ्रेंस के संयोजक बिहार विधान परिषद के सदस्य खालिद अनवर ने बताया कि हम बिरादरी को यह बता रहे हैं कि नीतीश कुमार की सरकार ने कितना काम किया है और अभी कितनी योजनाएं चल रही है़ं
क्या बेदारी काॅन्फ्रेंस की जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को है, जवाब में अनवर बताते हैं कि सरकार का काम है काम करते रहना और हमलोगों का काम है, उसकी जानकारी अवाम को देना़ वो अपना काम कर रहे और हम अपना़
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