बोले सीएम नीतीश कुमार- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने वाले होंगे पुरस्कृत
Updated at : 28 Jul 2018 12:50 AM (IST)
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-चार माह में आवास बनाने वाले लाभुकों व बनवाने वाले कर्मियों को प्रोत्साहन भत्ता पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत समय पर आवास का निर्माण कार्य पूरा करने वाले लाभुकों और इन्हें बनवाने में मदद करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. वह प्रधानमंत्री आवास योजना के […]
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-चार माह में आवास बनाने वाले लाभुकों व बनवाने वाले कर्मियों को प्रोत्साहन भत्ता
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत समय पर आवास का निर्माण कार्य पूरा करने वाले लाभुकों और इन्हें बनवाने में मदद करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति और राशि विमुक्ति से संबंधित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से अधिवेशन भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद प्रधानमंत्री आवास योजना की गति में तेजी लानी है. सीएम ने कहा कि जो लाभुक निर्धारित समय से चार महीने के अंदर अपने घर का निर्माण कार्य पूरा करा लेंगे, उन्हें एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. इसी तरह आवास का निर्माण कार्य समय पर पूरा कराने वाले कर्मियों को भी प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की गयी है. राज्य में पहली बार इस तरह की प्रोत्साहन राशि देने की शुरुआत की गयी है. जो ग्रामीण आवास सहायक चार महीने के अंदर आवास का निर्माण करवा देंगे, उन्हें 600 रुपये प्रति आवास की दर से प्रोत्साहन राशि मिलेगी. इसी तरह ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक को 70 रुपये, प्रखंड लेखा सहायक को 30 रुपये और प्रखंड स्तरीय कार्यपालक सहायक को 30 रुपये प्रति आवास की दर से प्रोत्साहन राशि मिलेगी. सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि अगर इन्हें अच्छा काम करने पर सम्मानित किया जायेगा, तो काम नहीं करने या लापरवाही बरतने की स्थिति में दंडित भी किया जायेगा. अगर चार महीने से ज्यादा और छह महीने से कम में आवास का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ, तो प्रोत्साहन राशि 50 फीसदी मिलेगी. छह महीने से ज्यादा समय में आवास पूर्ण कराने पर प्रोत्साहन राशि में प्रत्येक 15 दिन में पांच फीसदी की कटौती की जायेगी. इसमें जितनी देरी होगी, राशि में 15 दिन के अंतराल पर पांच फीसदी की कटौती होते चली जायेगी.
मॉनीटरिंग सेल विकसित करें ग्रामीण विकास विभाग
सीएम ने प्रोत्साहन राशि का एलान करते हुए कहा कि आजकल किसी योजना में घचपच बहुत होता है, इस पर नजर रखने के लिए एक मॉनीटरिंग सेल की जरूरत है. इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग को एक तंत्र विकसित करने का सुझाव देते हुए कहा कि मुख्यालय स्तर पर एक फोन नंबर जारी किया जाये. इस पर किसी के पैसा मांगने की शिकायत आने पर उस मामले की जांच कर तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है. उन्होंने आवास के निर्माण कार्य में जुटे कर्मियों से कहा कि गरीबों से पैसे नहीं लें, इन्हें तंग नहीं करें. अगर ऐसी शिकायत मिलती है, तो संबंधित कर्मी पर कार्रवाई की जायेगी.
सुखाड़ की स्थिति में करवाएं योजनाओं का काम
राज्य में सूखे की स्थिति उत्पन्न होने पर सीएम ने कहा कि पीएमएवाय, मनरेगा और ग्रामीण सड़क में कार्य कराये जाये, ताकि गरीबों को रोजगार का संकट उत्पन्न नहीं हो. उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर, 2018 तक सभी घरों में बिजली पहुंच जायेगी. इसके अलावा सभी घरों में शौचालय, नल-जल और इन्हें सड़क से जोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि चापाकलों की भी मरम्मत होगी. नल-जल शुरू होने से चापाकल और कुओं को छोड़ा नहीं जायेगा. इनकी भी मरम्मत होगी.
सीएस आवास निर्माण की प्रत्येक महीने करेंगे मॉनीटरिंग
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भवन निर्माण की निरंतर मॉनीटरिंग सीएस (मुख्य सचिव) के स्तर पर की जायेगी. प्रत्येक महीने सीएस सभी जिलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके पूरी स्थिति का जायजा करेंगे. इस दौरान सभी डीएम, डीडीसी समेत अन्य सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे. इसका मकसद आवास का निर्माण कार्य तेजी से कराना है. उन्होंने महिलाओं से कहा कि आवास के निर्माण कार्य में अगर कोई बिचौलिया पैसे मांगता है, तो उसके झांसे में नहीं आये. उसे घेरकर मोबाइल से उसका फोटो ले. फिर वह बच नहीं पायेगा. हर किसी को मुस्तैद रहने की जरूरत है.
केंद्र करे पहल, नहीं तो पुराने आवासों के लिए नयी योजना शुरू
इस कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री रामकृपाल यादव भी मौजूद थे. सीएम ने उनकी तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे केंद्र से पुराने बने इंदिरा आवासों को मरम्मत करने से संबंधित प्रस्ताव रखेंगे. अगर केंद्र इस प्रस्ताव को मानता है, तो बहुत अच्छा. नहीं तो, राज्य स्तर पर इसके लिए एक नयी योजना शुरू की जायेगी. इसके तहत पुराने बने उन इंदिरा आवासों की मरम्मत के लिए एक निश्चित राशि दी जायेगी, जिनकी स्थिति अभी पूरी तरह से जर्जर हो गयी है. उन्होंने कहा कि जिस एसईसीसी (सामाजिक-आर्थिक जनगणना) को आधार मानकर आवास आवंटित किये जा रहे हैं, उनके आंकड़े पूरी तरह सही नहीं हैं. छूटे लोगों को भी शामिल करने की जरूरत है.
आवासों की स्थिति
आठ लाख 62 हजार 276 लाभार्थियों का निबंधन हुआ
सात लाख 48 हजार 512 आवासों को स्वीकृति मिली
चालू वित्तीय वर्ष में 11 लाख आवास बनाने का टारगेट
छह लाख 61 हजार 144 लाभुकों को दी गयी पहली किस्त
तीन लाख 10 हजार को दूसरी किस्त मिली
अब तक 50 हजार आवास पूर्ण किये गये
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