नयी दिल्ली/ पटना : केंद्र सरकार ने आज कहा कि बिहार के कुल 13 जिलों को आकांक्षी जिला कार्यक्रम में शामिल किया गया है और इस सूची में अतिरिक्त जिलों को शामिल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. योजना राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि बिहार के कुल 13 जिलों को आकांक्षी जिला कार्यक्रम में शामिल किया गया है. इनमें कटिहार, बेगूसराय, शेखपुरा, अररिया, खगड़िया, पूर्णिया के अलावा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिले – औरंगाबाद, बांका, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर और नवादा शामिल हैं.
लोकसभा सदस्य रमा देवी ने अपने सवाल के तहत बिहार के पिछड़ा/ आकांक्षी घोषित किये गये जिलों का नाम बताने का अनुरोध किया था. उनके सवाल के जवाब में सिंह ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के तहत बिहार के किसी अन्य जिले को शामिल किये जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है. उन्होंने बताया कि इन जिलों का पिछड़ेपन दूर करने के लिए मुख्य कार्य निष्पादन संकेतकों की पहचान कर ली गयी है. जिलों से अनुरोध किया गया है कि वह एक दृष्टिपत्र तथा एक कार्ययोजना तैयार करे. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य केंद्रीय मंत्रालयों ने अपने-अपने कार्यक्रमों में इन जिलों को प्राथमिकता दी है. इसके परिणामस्वरूप जिला प्रशासन का ध्यान उन गतिविधियों की ओर और अधिक केंद्रित हुआ है, जो इन जिलों में लोगों की जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं और उनकी आर्थिक उत्पादकता को बढ़ाते हैं.