बिहार कांग्रेस में फिर घमसान, आमंत्रण यात्रा टली को लेकर अशोक चौधरी गुट हुआ सक्रिय, पढ़ें पूरा मामला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jan 2018 3:15 PM
पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस के अच्छे दिन अब लगता है, सपना हो गया है. लगातार पार्टी में खींचतान जारी है और पार्टी के लिए डॉ. अशोक चौधरी गुट सिरदर्द बना हुआ है. फिलहाल, खबर यह आ रही है कि गुटबाजी की वजह से पार्टी की महत्वाकांक्षी आमंत्रण यात्रा को फिलहाल के लिए टाल दिया […]
पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस के अच्छे दिन अब लगता है, सपना हो गया है. लगातार पार्टी में खींचतान जारी है और पार्टी के लिए डॉ. अशोक चौधरी गुट सिरदर्द बना हुआ है. फिलहाल, खबर यह आ रही है कि गुटबाजी की वजह से पार्टी की महत्वाकांक्षी आमंत्रण यात्रा को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है. हालांकि, पार्टी के नेता बचाव करते हुए, वजह ठंड को बता रहे हैं, लेकिन अंदरूनी मामला कुछ और है. बिहार में अपनी खोई जमीन तलाशने के लिए पार्टी की ओर से 18 जनवरी यानी कल से आमंत्रण यात्रा शुरू होने वाली थी. इसकी शुरुआत पश्चिम चंपारण के वृंदावन आश्रम से होने वाली थी. अब कांग्रेस के प्रभारी अध्यक्ष का कहना है कि सूबे में ठंड ज्यादा है, इसलिए यात्रा स्थगित कर दी गयी है. नयी तारीखों का एलान जल्द होगा.
उधर, पार्टी के लिए समस्या बन चुका पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी का गुट एक बार फिर सक्रिय हो गया है. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के चूड़ा-दही भोज में अशोक चौधरी के शामिल होने के बाद पार्टी के अंदर गुटबाजी तेज हो गयी है. बताया जा रहा है कि बिहार में राज्यसभा और विधान परिषद का चुनाव होने वाला है. अशोक चौधरी के भोज में शामिल होने से कांग्रेस की परेशानी में इजाफा हो गया है. सूत्रों की मानें, तो पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद एकजुट रहते हैं, तो राजद-कांग्रेस गठबंधन को फायदा होना तय है. जबकि,एनडीए और जदयू की कोशिश होगी कि कांग्रेस के असंतुष्ट गुट को अपनी ओर लाया जाये और ज्यादा सीटों पर एनडीए का कब्जा हो. हालांकि, कांग्रेस के लिए पहली प्राथमिक इस माहौल में पार्टी को एकजुट रखने का है. आमंत्रण यात्रा में फेरबदल के पीछे सियासी हलकों में सिर्फ कारण ठंड नहीं बल्कि कुछ और ही माना जा रहा है.
उधर, कांग्रेस की इस परिस्थिति पर विरोधी भी चुटकी लेने से बाज नहीं आ रहे हैं, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता मंगल पांडेय का कहना है कि कांग्रेस बहुत जल्द टूटकर बिखर जायेगी. यह लोग भले आ राहुल गांधी और महात्मा गांधी का सपना पूरा करने के लिए निकले हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि खुद ही कांग्रेस को समाप्त करने में जुटे हैं. मंगल पांडेय ने राजद और कांग्रेस में टूट का दावा करते हुए कहा कि इनके कई नेता दूसरे दलों के संपर्क में बने हुए हैं. तेजस्वी यादव को कोई भी राजद का नेता नहीं स्वीकार करना चाहता. गुजरात व हिमाचल में भाजपा की जीत के बाद सबकी नजर एनडीए पर बनी हुई है. उन्होंने यह भी कहा की ईडी ने लालू यादव के एक और दामाद को नोटिस थमा दी है, उससे साफ हो गया है कि अवैध तरीके से संपत्ति बनाने के काम में लालू ने अपने परिवार को भी नहीं छोड़ा.
वहीं मंगल पांडेय के आरोप के जवाब में प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वास्तव में भाजपा के बड़े नेता पार्टी के अंदर घुटन महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोकसभा सदस्य पटोले ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि गुजरात के उपमुख्यमंत्री नीतीश पटेल अपने 17 विधायकों के साथ भाजपा छोड़ने वाले थे. पंजाब एवं कर्नाटक में भाजपा में भगदड़ मची है. पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद लगातार भाजपा के खिलाफ बयान दे रहे हैं.
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