पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने बढ़ाई धाराएं, अब इस एंगल से भी होगी जांच

Published by :Abhinandan Pandey
Published at :04 Mar 2026 9:07 AM (IST)
विज्ञापन
patna neet case pocso

शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर सीबीआई की टीम

Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में जांच अब और सख्त हो गई है. सीबीआई ने पॉक्सो और अन्य धराएं जोड़कर जांच तेज कर दी है. मनीष रंजन की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 11 मार्च को होनी है.

विज्ञापन

Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में अब जांच और सख्त हो गई है. सीबीआई ने इस मामले में पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 को जोड़ दिया है. इसके साथ ही बी.एन.एस., 2023 की धारा 64 और अन्य संबंधित धाराओं को भी शामिल किया गया है. यह कदम दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम-1946 के तहत लिया गया है. अब दिल्ली पुलिस के सदस्य पूरे बिहार और मामले से जुड़े अन्य स्थानों में अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

मनीष रंजन की जमानत पर 11 मार्च को सुनवाई

शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई 2 मार्च को हुई. सुनवाई करीब पौने दो घंटे चली. कोर्ट ने किसी निष्कर्ष पर फैसला तुरंत नहीं दिया और अगली तारीख 11 मार्च तय की. सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार के वकील ने जांच में लापरवाही का आरोप दोहराया. उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही जांच सही तरीके से नहीं की गई. CBI ने कोर्ट में लिखित रूप से कहा कि फिलहाल उन्हें मनीष रंजन की हिरासत की आवश्यकता नहीं है।

कोर्ट के सीधे सवाल

सुनवाई के दौरान 28 फरवरी को कोर्ट ने कड़े सवाल किए थे. कोर्ट ने पूछा था कि मनीष रंजन पर ठोस आरोप क्या हैं और उनके खिलाफ क्या सबूत हैं? साथ ही कोर्ट ने पूछा कि केस में पोक्सो अधिनियम क्यों नहीं लगाया गया. CBI ने पहले इस मामले में धारा 307 (अटेंप्ट टू मर्डर) के तहत केस दर्ज किया था. कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब आरोपी पर अटेंप्ट टू मर्डर का केस है, तो उनकी हिरासत क्यों जरूरी है.

जांच अब और सख्त, धाराएं बढ़ाई गईं

सीबीआई ने मामले में अब और धराएं जोड़कर जांच को और मजबूत किया है. पॉक्सो और अन्य संबंधित धाराओं को शामिल करने से आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की दिशा स्पष्ट हो गई है. दिल्ली पुलिस के सदस्यों को बिहार में सभी अधिकार दिए गए हैं. इसका मतलब है कि जांच अब और व्यापक और तेज़ होगी.

आगे की सुनवाई

अगली सुनवाई 11 मार्च को CBI के मजिस्ट्रेट कोर्ट में होगी. इस दिन कोर्ट मामले की जमानत और जांच में हुए नए सुधारों पर फैसला ले सकता है. इस मामले में जनता की नजरें जांच की निष्पक्षता और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

Also Read: होली से पहले बिहार के इस गांव में मातम, एक को बचाने में 6 बच्चों की नाला में डूबने से मौत

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन