सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने समाप्त कराया अनशन

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नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ अस्पताल में सोनम वांगचुक, फोटो एक्स

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Sonam Wangchuk Break Fast: सोनम वांगचुक ने अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल खत्म की. इससे पहले उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की थी. वांगचुक ने मेदांता अस्पताल से अपने एक्स अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया. जिसमें छात्रों को संबोधित करते हुए लिखा, "शांति और सिर्फ शांति ही मेरा रास्ता है."

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Sonam Wangchuk Break Fast: अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया, "अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा. इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह कदम कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया."

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वांगचुक ने छात्रों से सतर्क और हिंसा न करने की अपील की

सोनम वांगचुक ने एक्स पर केंद्रीय मंत्रियों के साथ तस्वीर शेयर कर बताया, वे बहुत जल्द शर्तों के बारे में बताएंगे. उन्होंने छात्रों से हिंसा न करने की अपील भी की. सोनम ने एक्स पर लिखा, "मैं बहुत जल्द एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप बहुत सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें."


कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं : वांगचुक

वांगचुक ने कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने के बावजूद कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. अपने अनिश्चितकालीन अनशन के 26वें दिन वांगचुक ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "जहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना हुआ है, वहीं यह जानकर मुझे पीड़ा हुई कि कुछ असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं."


प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में उतरीं वांगचुक की पत्नी गीतांजलि

इससे पहले, दिन में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने भी प्रदर्शनकारियों का बचाव किया और कहा कि छात्रों को नकारात्मक रूप में पेश किया जाना बेहद पीड़ादायक है. बाद में ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में गीतांजलि ने युवा प्रदर्शनकारियों के आचरण की सराहना की. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों में भारत के जेन-जेड को देखकर मेरे भीतर उम्मीद जगी है." उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने "अजनबियों की देखभाल परिवार की तरह की, एक-दूसरे के साथ भोजन और पानी साझा किया, अपने प्रदर्शन स्थलों की सफाई की, बुजुर्गों का ध्यान रखा, साथ मिलकर राष्ट्रीय गान और उम्मीद के गीत गाए, भारी उकसावे के बावजूद अनुशासन बनाए रखा" और "निस्वार्थ सेवा के अनगिनत कार्यों के जरिए आंदोलन को जारी रखा."


भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है : गीतांजलि

गीतांजलि ने कहा, "अगर यही वह पीढ़ी है जिसे हमने तैयार किया है, तो भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। भारत के जेन-जेड... आप केवल इस देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श हैं." उन्होंने बच्चों के माता-पिता का भी आभार जताया और कहा कि उन्होंने दयालु, जिम्मेदार और साहसी नागरिकों का पालन-पोषण किया है.


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